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कैलाश मानसरोवर की यात्रा, फिर छोड़ी IPS की नौकरी, आखिर कैसे शिव के निवास ने बदली थी अन्नामलाई की सोच

एक समय कर्नाटक कैडर के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी रहे के. अन्नामलाई ने अचानक नौकरी छोड़कर सभी को चौंका दिया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैलाश मानसरोवर की यात्रा ने उनकी सोच पर गहरा असर डाला, जिसके बाद उन्होंने जीवन की प्राथमिकताओं को नए सिरे से समझा और नौकरी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया.

K. Annamalai
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( Image Source:  ANI )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 2 Jun 2026 6:26 PM IST

कई बार जिंदगी में एक ऐसा पल आता है जो इंसान की पूरी सोच बदल देता है. तमिलनाडु बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. एक सफल आईपीएस ऑफिसर के तौर पर उनका करियर शानदार चल रहा था, लेकिन कैलाश मानसरोवर की यात्रा के बाद उन्होंने अपनी जिंदगी को बिल्कुल अलग नजरिए से देखना शुरू कर दिया.

यही यात्रा आगे चलकर उनके बड़े फैसलों की वजह बनी. हिमालय की शांति और आत्मचिंतन के उन पलों ने उनकी सोच को बदल दिया, जिसके बाद उन्होंने एक सफल आईपीएस करियर छोड़कर नई राह चुनने का फैसला किया.

जब अन्नामलाई ने की कैलाश मानसरोवर की ा

अन्नामलाई लंबे समय तक पुलिस सर्विस में हे. काम का दबाव, जिम्मेदारियां और लगातार बिजी रहने वाली जिंदगी उनका हिस्सा बन चुकी थी. ऐसे समय में उन्हें कैलाश मानसरोवर जाने का मौका मिला. हिमालय की शांत वादियों और कैलाश पर्वत के सामने बिताए गए समय ने उन्हें खुद के बारे में सोचने का मौका दिया. वहां की शांति में उन्हें एहसास हुआ कि जिंदगी सिर्फ नौकरी, पद और पहचान तक सीमित नहीं है. इंसान को अपने लिए और अपने परिवार के लिए भी समय निकालना चाहिए.

यात्रा के दौरान अन्नामलाई को क्या समझ आया?

रिपोर्ट्स के अनुसार, अन्नामलाई ने अपने इस्तीफे से जुड़े विचारों में बताया था कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा उनके लिए आंखें खोल देने वाला एक्सपीरियंस साबित हुई. इस दौरान उन्हें समझ आया कि परिवार, मानसिक शांति और मन की सुकून भी उतना ही जरूरी है, जितनी जिंदगी में तरक्की. एक सफल पुलिस अधिकारी होने के बावजूद उन्हें महसूस हुआ कि वे जीवन के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं से दूर होते जा रहे हैं. इसी एक्सपीरियंस ने उन्हें अपनी प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने के लिए इंस्पायर्ड किया.

जब अन्नामलाई ने छोड़ी आईपीएस की नौकरी

कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटने के बाद अन्नामलाई की सोच में बड़ा बदलाव आया. उन्होंने जीवन को पहले से अलग नजरिए से देखना शुरू किया. इसी समय सीनियर आईपीएस अधिकारी माधुकर शेट्टी की मौत ने भी उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि जिंदगी बहुत अनिश्चित है और किसी को नहीं पता कि आगे क्या होगा. इन अनुभवों का अन्नामलाई पर गहरा असर पड़ा. उन्हें महसूस हुआ कि जीवन में सिर्फ नौकरी और पद ही सब कुछ नहीं हैं. इसके बाद उन्होंने आईपीएस की नौकरी छोड़कर नई राह पर चलने का फैसला किया.

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