पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों यह चर्चा तेज है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (TMC) के अंदर भी वही स्थिति बनने जा रही है, जैसी कुछ साल पहले महाराष्ट्र में देखने को मिली थी. राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ममता बनर्जी की पार्टी में अंदरूनी बगावत की नींव रखी जा चुकी है और क्या कुछ विधायक व नेता अलग गुट बनाने की तैयारी में हैं. इसी वजह से बंगाल की राजनीति को अब ‘महाराष्ट्र मॉडल’ से जोड़कर देखा जाने लगा है. सूत्रों और राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, 2026 विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी में असंतोष और गुटबाजी की खबरें सामने आई हैं. बताया जा रहा है कि कोलकाता में कुछ असंतुष्ट विधायक लगातार बैठकें कर रहे हैं और पार्टी नेतृत्व को लेकर चर्चा कर रहे हैं. इसी बीच पार्टी ने दो विधायकों को निष्कासित भी किया है, जबकि कुछ नेताओं पर पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप लगे हैं. वहीं एक गुट के 15 से 20 विधायकों के संपर्क में होने की भी चर्चा है. हालांकि TMC नेतृत्व इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए पार्टी को पूरी तरह एकजुट बता रहा है, लेकिन राजनीतिक माहौल में हलचल लगातार बनी हुई है.