दिल्ली के शालीमार बाग इलाके में चल रही डिमोलिशन ड्राइव ने सैकड़ों परिवारों की जिंदगी को अचानक बदल दिया है. प्रशासन का दावा है कि यह कार्रवाई सड़क चौड़ीकरण और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए की जा रही है, लेकिन स्टेट मिरर की ग्राउंड रिपोर्ट में प्रभावित लोगों का कहना है कि उनके सिर से छत छिन गई और अब उनके सामने रहने तक का संकट खड़ा हो गया है. शालीमार बाग के हैदरपुर क्षेत्र में शुरू हुई इस कार्रवाई का मकसद सड़क चौड़ीकरण परियोजना के रास्ते में आ रही कथित अवैध निर्माणों को हटाना बताया जा रहा है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम इलाके में ट्रैफिक जाम कम करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जरूरी है. अदालत से मंजूरी मिलने के बाद यह अभियान शुरू किया गया. हालांकि, स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया. कई परिवारों का कहना है कि वर्षों की मेहनत से बनाया गया उनका घर कुछ घंटों में मलबे में बदल गया. प्रभावित लोगों के अनुसार, कार्रवाई के बाद कई परिवारों को अस्थायी रूप से फुटपाथों, पुलों के नीचे या रिश्तेदारों के यहां शरण लेनी पड़ रही है.