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8 साल से सीखता रहा इस्लाम अब बना मुस्लिम, PAK कनेक्शन आया सामने- 7 Point में समझें आयुष के रहमान बनने की INSIDE STORY

शामली में कारोबारी परिवार से जुड़े आयुष मलिक के धर्मांतरण और निकाह का मामला इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. एक तरफ आयुष इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद बता रहे हैं, तो दूसरी ओर उसका परिवार इसे सुनियोजित साजिश और संपत्ति विवाद से जोड़ कर बता रहे हैं.

8 साल से सीखता रहा इस्लाम अब बना मुस्लिम, PAK कनेक्शन आया सामने- 7 Point में समझें आयुष के रहमान बनने की INSIDE STORY
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 8 Jun 2026 9:47 PM IST

उत्तर प्रदेश के शामली में कारोबारी परिवार से जुड़े आयुष मलिक के धर्मांतरण और निकाह का मामला इन दिनों चर्चा का केंद्र बना हुआ है. एक तरफ आयुष इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत पसंद बता रहे हैं, तो दूसरी ओर उसका परिवार इसे सुनियोजित साजिश और संपत्ति विवाद से जोड़ कर बता रहे हैं. इसी के साथ अगर पाकिस्तान कनेक्शन की बात करें तो कहा जा रहा है कि आयुष पाकिस्तानी मौलाना के यूट्यूब चैनल देखने लगा था जिसके प्रभावित हो गया था. पुलिस भी मामले की जांच कर रही है. आइए समझते हैं कि इस पूरे विवाद में अब तक क्या-क्या सामने आया है.

1. कौन है आयुष मलिक?

आयुष मलिक शामली के एक जाने माने कारोबारी परिवार से आता है. उनके पिता देवराज मलिक दवा कारोबार से जुड़े हैं और परिवार के पास बड़ी संपत्ति तथा कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान बताए जाते है. आयुष परिवार के इकलौते बेटे हैं, जबकि उनकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है. वहीं आयुष का कहना है कि मुझे 8 सालों से मुस्लिम धर्म में दिलचस्पी थी और मैं स्कूल में छिपकर इस्लाम धर्म पढ़ता था और अब मैं अपनी मर्जी से मुस्लिम बन चुका हूं.

2. धर्मांतरण विवाद कैसे शुरू हुआ?

मामला तब चर्चा में आया जब परिवार ने आरोप लगाया कि आयुष का धर्मांतरण कराया गया है और इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश काम कर रही है. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और एफआईआर दर्ज हुई. आयुष मलिक का दावा है कि उन्होंने अपनी इच्छा से इस्लाम स्वीकार किया. उनका कहना है कि किसी ने उन पर दबाव नहीं डाला और यह उनका निजी धार्मिक फैसला था.

3. इस्लाम में रुचि कब से थी?

आयुष के अनुसार, उन्हें स्कूल के दिनों से इस्लाम और मुस्लिम परंपराओं में रुचि थी. उनका कहना है कि वह वर्षों से इस विषय को पढ़ते और समझते रहे तथा बाद में अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया. पुलिस के मुताबिक, आयुष की मुलाकात जिम ट्रेनर चांदनी कुरैशी से हुई थी. बाद में दोनों के बीच संबंध बने और निकाह की बात सामने आई. वहीं आयुष का कहना है कि यह रिश्ता उनकी सहमति से बना.

4. पुलिस जांच में अब तक क्या सामने आया?

शामली पुलिस का कहना है कि मामले में धर्मांतरण, विवाह, संपत्ति विवाद और कथित साजिश जैसे सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. पुलिस ने कुछ लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की है और जांच जारी है. देवराज मलिक का आरोप है कि उनके बेटे को प्रेमजाल में फंसाकर उसका ब्रेनवॉश किया गया. उनका दावा है कि करोड़ों रुपये की पारिवारिक संपत्ति को देखते हुए आयुष को निशाना बनाया गया.

पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आया है कि आयुष मलिक की पहचान चांदनी कुरैशी नामक एक जिम ट्रेनर से हुई थी. इसके बाद वह एक पाकिस्तानी मौलाना के यूट्यूब चैनल देखने लगा. एसपी ने आरोप लगाया कि चांदनी कुरैशी और उसके भाई, जो आयुष की दुकान पर कर्मचारी के रूप में काम करता था, ने कथित तौर पर मिलकर धर्मांतरण की साजिश रची.

5. आयुष के पिता ने क्या कहा?

आयुष मलिक के पिता देवराज मलिक ने कहा कि उसका ब्रेनवॉश किया गया था. उसे प्रेमजाल में फंसाया गया. उसकी संपत्ति को देखते हुए उसे निशाना बनाया गया. वह एक अच्छा, सभ्य और मिलनसार लड़का है और उसके पास काफी संपत्ति है. इसी वजह से धर्मांतरण की पूरी साजिश रची गई." उन्होंने बताया कि उन्हें पहली बार तब शक हुआ जब कुछ साल पहले आयुष ने दाढ़ी बढ़ानी शुरू कर दी थी. मैंने तुरंत उससे बात करने और उसे समझाने की कोशिश की. लेकिन चांदनी कुरैशी ने उसे अपने जाल में फंसा लिया था और धीरे-धीरे उसे मुस्लिम समुदाय के करीब ले जा रही थी." देवराज मलिक ने कहा कि परिवार अब इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई चाहता है. हम चाहते हैं कि दोषियों को जेल भेजा जाए और उनका मेरे बेटे से संपर्क पूरी तरह खत्म किया जाए."

6. संपत्ति विवाद की चर्चा क्यों हो रही है?

पुलिस और परिवार का आरोप है कि विवाद के केंद्र में संपत्ति का मुद्दा भी है. आरोप है कि निकाह के बाद संपत्ति को लेकर दबाव बनाया गया. हालांकि इन आरोपों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है.

7. सोशल मीडिया पर विवाद क्यों बढ़ा?

मामले से जुड़े वीडियो, बयान और विभिन्न दावे सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए. इसके बाद यह सिर्फ पारिवारिक विवाद न रहकर राज्य स्तर की चर्चा का विषय बन गया. पूरे विवाद के केंद्र में दो अलग-अलग दावे हैं. एक तरफ आयुष इसे अपनी धार्मिक स्वतंत्रता और व्यक्तिगत निर्णय बता रहे हैं. दूसरी तरफ उनका परिवार और कुछ पुलिस अधिकारी इसे कथित साजिश और संपत्ति विवाद से जोड़ रहे हैं. अंतिम सत्य क्या है, इसका निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगा.

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