ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव को लेकर एक बार फिर नए सवाल उठने लगे हैं. युद्धविराम के बावजूद अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर सैन्य हमले किए. इसे लेकर स्टेट मिरर हिंदी के साथ खास बातचीत में रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्सी ने कहा कि संघर्ष विराम की कुछ शर्तों का पालन नहीं हुआ और इससे तनाव दोबारा बढ़ा. उन्होंने यह भी कहा कि इजरायल ने युद्धविराम को पूरी तरह स्वीकार नहीं किया था, जिससे हालात और जटिल बने. जीडी बख्शी ने कहा कि जंग से दुनिया की इकॉनमी बैठी जा रही है. मुझे पहले दिन से ही मालूम था कि सीजफायर ज्यादा दिन तक नहीं चलने वाला है. उन्होंने कहा कि अमेरिका ने 40 दिन तक बम बरसाए, लेकिन ईरान का क्या कर लिया. चर्चा में होर्मुज जलडमरूमध्य, वैश्विक तेल आपूर्ति और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर संभावित असर का भी जिक्र किया गया. साथ ही यह तर्क दिया गया कि लंबे संघर्ष से तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है.