ईद-उल-अजहा के मौके पर देशभर में एक नई बहस ने जोर पकड़ लिया है. दिल्ली, जयपुर, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में मुस्लिम संगठनों और धार्मिक नेताओं ने गाय को भारत का राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई है. इस मुद्दे को लेकर कई जगहों पर प्रदर्शन भी किए गए, जहां लोगों ने गौ संरक्षण और सांस्कृतिक सौहार्द का समर्थन किया. इस बहस को उस वक्त और हवा मिली, जब मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना अरशद मदनी और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान सामने आए. दोनों नेताओं की टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है. इसी के साथ जब मुस्लिम नेताओं ने गाय को राष्ट्रीय पशु की मांग की तो मुस्लिम नेता ने ही जवाब दिया कि ये कैसे हो सकता है हिंदू तो उन्हें गाय माता मानते हैं तो जानवर का दर्जा कैसे?