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पढ़ाई छोड़ भूसा जुटाओ, बरेली में टीचर्स को दिए आदेश से मचा हंगामा, भूसे की राजनीति से गरमाया माहौल

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Bareilly: भूसा जुटाएंगे शिक्षक? | Teachers Asked to Collect Fodder for Cows Triggers Controversy
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 29 May 2026 7:10 PM IST

बरेली में शिक्षा व्यवस्था से ज्यादा इन दिनों भूसे को लेकर सियासी और प्रशासनिक विवाद चर्चा में है. बेसिक शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार स्कूलों और शिक्षकों को बेसहारा गौवंश के लिए भूसा इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई, जिसमें हर स्कूल को लगभग 46 किलो और हर विकास खंड को 100 क्विंटल भूसा जुटाने का लक्ष्य रखा गया है. आदेश में यह भी कहा गया कि भूसा जमा करने के बाद उसकी रसीद भी विभाग में जमा करनी होगी, अन्यथा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. इस फैसले से शिक्षकों में गहरी नाराजगी फैल गई है क्योंकि उनका कहना है कि उन पर पहले से ही गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ा हुआ है. शिक्षक संगठनों ने इस आदेश को अव्यवहारिक और अपमानजनक बताते हुए विरोध शुरू कर दिया है. यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन ने यहां तक चेतावनी दी कि अगर ऐसे आदेश जारी होते रहे तो शिक्षकों को आगे और भी गैर-शैक्षणिक कार्यों में लगाया जा सकता है. विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने सफाई देते हुए इसे स्वैच्छिक अभियान बताया और कहा कि किसी पर दबाव नहीं है, हालांकि शुरुआत में जारी सख्त निर्देशों ने पूरे मामले को तूल दे दिया. अब यह मुद्दा सिर्फ भूसे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने शिक्षकों की भूमिका और शिक्षा व्यवस्था में उनकी प्राथमिक जिम्मेदारियों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है.


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