सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर मौजूदा दौर में जिस कदर भविष्यवक्ताओं-ज्योतिषाचार्यों की बाढ़ आई है और जिस तरह की हवा-हवाई भविष्यवाणियां करके ये बाजार में वायरल हो रहे हैं, इनके तमाशे को देखकर सैकड़ों साल से अब तक गजब के असल भविष्यवक्ता सिद्ध होते आ रहे, बाबा वेंगा (Baba Vanga), 16सदी के चर्चित फ्रांसीसी ज्योतिषी-भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस (Nostradamus), 'सोते हुए पैगंबर' के नाम से मशहूर एडगर केसी (Edgar Cayce), अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ. कैनेडी की हत्या की भविष्यवाणी करने वाले जीन डिक्सन (Jeane Dixon). आज भी हो रही भविष्यवाणियों को अपनी इज्जत भारत के तमाम बड़बोले ज्योतिषियों की भीड़ में बचानी मुश्किल हो रही है. आखिर भारत के भविष्यवक्ताओं की जमात में सोशल मीडिया पर इस कदर की अंधी दौड़ या भगदड़ क्यों मची है? इससे भारत और यहां के समाज को आखिर क्या नफा-नुकसान हो रहा है? इन्हीं तमाम सवालों के दो टूक-बेबाक जवाबों के लिए स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान लाए हैं इस बार के पॉडकास्ट में मशहूर ज्योतिषाचार्य शैलेश तिवारी को.