असम में असली राजनीतिक ताकत किसके पास है? इसका जवाब छिपा है बोडोलैंड में. यह वीडियो बताता है कि कैसे बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) असम की राजनीति में “किंगमेकर” बनकर उभरा है, और इसके पीछे की एक मजबूत कहानी- Upendranath Brahma की जिंदगी रही है. 1956 में कोकराझार में जन्मे उपेंद्रनाथ ब्रह्मा एक साधारण परिवार से आए, लेकिन उन्होंने भारत के सबसे प्रभावशाली पहचान आंदोलनों में से एक बोडो आंदोलन की अगुवाई की. ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) में अपने नेतृत्व के जरिए उन्होंने एक हाशिए पर खड़े समुदाय की आवाज को बड़ी राजनीतिक ताकत में बदल दिया.