Begin typing your search...

'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ जैसा पावर सेंटर! ग्रेट निकोबार से भारत की समुद्री ताकत को कैसे मिलेगी नई धार? Ret. Air Commodore Kale से खास बातचीत

X
Ret. Air Commodore Kartikeya Kale on Great Nicobar Project | Rahul Gandhi vs Modi Govt |
संजीव चौहान
By: संजीव चौहान

Published on: 3 May 2026 1:23 PM

साल 2006 याद करिए जब भारत में कांग्रेस का शासन था और प्रधानमंत्री थे डॉ. मनमोहन सिंह. उसी दौरान कांग्रेस की तत्कालीन हुकूमत ने जिस ‘ग्रेट-निकोबार’ यानी आज के बदले हुए दुनिया के परिदृष्य में कहूं तो ‘भारत का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ का ‘ब्लू-प्रिंट’ तैयार किया गया था. सवाल यह पैदा होता है कि आखिर जिस ग्रेट निकोबार की परिकल्पना का जन्म ही कांग्रेस के शासन काल में हुआ था, अब जब केंद्र में मौजूद भारतीय जनता पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली हुकूमत इसी ग्रेट-निकोबार को अमली-जामा पहनाने में जुटी है तो, बीते कल की दबंग कांग्रेस पार्टी और संसद में आज उसके विपक्षी दल के नेता कांग्रेस सांसद राहुल गांधी विरोध में सबसे ज्यादा क्यों चीख-चिंघाड़ या कहिए कि बिलबिला रहे हैं. आने वाले समय में सामरिक, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा व अंतरराष्ट्रीय जल सीमा पर भारत के पांव मजबूत करने को लेकर इसी ‘ग्रेट निकोबार’ की परिकल्पना को धरातल पर ले आए जाने से, दुनिया में भारत की ताकत किस कदर बढ़ जाएगी? किस हद तक परेशान हो उठेंगे अमेरिका-चीन जैसे मक्कार चतुर और घाघ देश? क्यों और कैसे दुनिया में भारत के दुश्मन देशों के लिए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ साबित होगा ‘ग्रेट निकोबार’..? इन्हीं तमाम अहम सवालों के जवाब के लिए स्टेट मिरर हिंदी एक एडिटर इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान ने एक्सक्लूसिव बात की भारतीय वायुसेना के पूर्व फाइटर जेट पायलट, रिटायर्ड एअर कोमोडोर कार्तिकेय काले से. उन्होंने इसके विरोध में संसद में विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी के दहाड़ें मारकर विधवा-विलाप करने के पीछे जो वजह बताई, उसे सुनकर भारत की छोड़िए भारत के दुश्मन देश चीन-अमेरिका भी शरमा जाएंगे.


अगला लेख