उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने योगी सरकार की पुलिस को यह कहकर कटघरे में खड़ा कर दिया है कि योगी की पुलिस पिछड़ी जातियों और यादवों के छांट-छांटकर फर्जी एनकाउंटर कर रही है. इस बयान के बाद बहस छिड़ गई कि क्या वाकई किसी भी सूबे की पुलिस सत्ता के चाबुक से हांकी जाती है और पुलिस सत्ता के इशारे पर किसी का भी सड़क चलते महज ‘जाति’ देखकर एनकाउंटर कर देती है? अगर सच ऐसा है तो योगी आदित्यनाथ से पहले तो अखिलेश यादव खुद सूबे के मुख्यमंत्री रहे हैं और उनसे पहले अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं. अगर योगी की पुलिस सत्ता के इशारे पर किसी का भी जाति-आधारित एनकाउंटर कर दे रही है तो इससे सवाल पैदा होना लाजिमी है कि क्या अखिलेश यादव और उनके मुख्यमंत्री पिता के इशारे पर भी उस जमाने की यूपी पुलिस ने तमाम जाति-आधारित फर्जी एनकाउंटर करवाए थे?