LPG संकट का असर! चाय-नाश्ता हुआ महंगा, लकड़ी-कोयले पर लौटे दुकानदार; सरकार बोली- गैस की कोई कमी नहीं, अफवाहों से बचें
उत्तराखंड में गैस की कमी की खबरों के बीच चाय-नाश्ते के दाम बढ़ गए हैं और छोटे दुकानदार लकड़ी-कोयले पर लौट रहे हैं. हालांकि सरकार ने कहा है कि राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और सप्लाई सामान्य है. कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं.
Uttarakhand LPG Crisis से छोटे दुकानदार परेशान
Uttarakhand LPG Crisis: उत्तराखंड में इन दिनों एलपीजी गैस को लेकर पैदा हुई स्थिति का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखने लगा है. गैस सिलेंडर की बढ़ती कीमतों और सप्लाई में कमी की खबरों के बीच छोटे चाय-नाश्ते के दुकानदारों ने अपने उत्पादों के दाम बढ़ा दिए हैं, जबकि कई दुकानदार अब गैस छोड़कर फिर से लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन का इस्तेमाल करने लगे हैं.
कई शहरों और कस्बों में सिलेंडर की किल्लत के चलते बाजार में कीमतें बढ़ गई हैं, जिसका असर सीधे खाने-पीने की चीजों पर पड़ा है. दुकानदारों का कहना है कि पहले 10 रुपये में मिलने वाली चाय अब 15 रुपये में बिक रही है, वहीं समोसे का दाम 15 से बढ़कर 18 रुपये हो गया है. बिरियानी जैसी चीजों के दाम भी बढ़े हैं-हाफ प्लेट 30 से बढ़कर 40 रुपये और फुल प्लेट 50 से 60 रुपये तक पहुंच गई है.
छोटे दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी समस्या क्या है?
छोटे दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी समस्या यह है कि उनके पास बड़े होटल और कैफे की तरह गैस सिलेंडर का स्टॉक रखने की सुविधा नहीं होती. ऐसे में जैसे ही सप्लाई प्रभावित होती है, उनका कामकाज सीधे प्रभावित होता है. कई ठेले और टपरी संचालकों ने बताया कि मजबूरी में अब वे घर पर लकड़ी और कोयले पर खाना बनाकर दुकान तक ला रहे हैं और वहीं गर्म करके बेच रहे हैं.
कुछ दुकानदारों का कहना है कि अगर यही स्थिति बनी रही तो उन्हें दुकान बंद करने तक की नौबत आ सकती है. बढ़ती लागत और घटती कमाई के कारण उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है.
उत्तराखंड सरकार ने क्या कहा?
- उत्तराखंड सरकार ने इस पूरे मामले पर स्थिति साफ करते हुए कहा है कि प्रदेश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है.
- मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और उपभोक्ताओं को समय पर सप्लाई दी जा रही है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं.
- सरकार के मुताबिक, होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट्स को भी कमर्शियल सिलेंडर की नियमित आपूर्ति की जा रही है.
- सरकार ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए एलपीजी आपूर्ति की समीक्षा बैठक भी की, जिसमें सभी जिलों के अधिकारियों ने हिस्सा लिया. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी हालत में गैस सप्लाई बाधित नहीं होनी चाहिए.
- इसके साथ ही सरकार ने कालाबाजारी पर सख्त रुख अपनाया है. साफ कहा गया है कि गैस की जमाखोरी या अवैध बिक्री किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके लिए छापेमारी, स्टॉक जांच और निगरानी अभियान तेज करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.




