300 दिन तक बाथरूम में किया बंद, कच्चे चावल-प्याज खिलाए; देहरादून में महिला के साथ ससुराल वालों की दरिंदगी आई सामने
देहरादून में एक महिला को ससुराल में 10 महीने तक कैद रखकर प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगे हैं. सेलाकुई पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, आरोपी पति और ससुराल वाले नामजद हैं.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. एक महिला पर आरोप है कि उसे उसके ही ससुराल में करीब 10 महीनों तक कमरे और टॉयलेट में बंद रखकर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया. पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए कहा है कि उनकी बेटी को न सिर्फ कैद में रखा गया, बल्कि उसे लगातार भूखा रखकर अमानवीय व्यवहार किया गया.
सेलाकुई थाने में दर्ज शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है. आरोप महिला के पति राहुल खंडूरी और उसके माता-पिता पर लगाए गए हैं. घटना के सामने आने के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और सनसनी का माहौल है, जबकि पुलिस हर पहलू की गहन जांच कर रही है.
कैसे शुरू हुआ यह पूरा मामला?
पीड़िता के पिता के अनुसार, उनकी बेटी की शादी करीब दो साल पहले राहुल खंडूरी से हुई थी. शुरुआती समय में सब सामान्य दिखा, लेकिन धीरे-धीरे हालात बिगड़ते चले गए. आरोप है कि पिछले साल जुलाई से महिला की स्थिति बेहद गंभीर हो गई, जब उसे घर के एक कमरे और टॉयलेट तक सीमित कर दिया गया और बाहर की दुनिया से पूरी तरह काट दिया गया.
क्या महिला को बुनियादी खाना भी नहीं दिया जाता था?
शिकायत में बताया गया है कि महिला को ठीक से भोजन भी नहीं दिया जाता था. पिता का आरोप है कि उसे कई बार सिर्फ कच्चा चावल, प्याज और मिर्च पर ही जिंदा रहना पड़ा. लगातार भूख और मानसिक दबाव ने उसकी सेहत और मानसिक स्थिति पर भी गहरा असर डाला.
क्या उसके साथ अमानवीय मारपीट की गई?
सबसे गंभीर आरोप शारीरिक हिंसा को लेकर हैं. पीड़िता के पिता का कहना है कि उनकी बेटी के साथ लगातार मारपीट की जाती थी. उसके साथ पाइप, रॉड, कुर्सी और सफाई के उपकरणों तक का इस्तेमाल कर हिंसा की गई. शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि “उसे बोतलों और डंडों से उसके निजी अंगों पर चोट पहुंचाई गई” और कई बार उसके बाल तक नोचकर उखाड़ दिए गए.
क्या उसे परिवार से भी दूर कर दिया गया था?
आरोप है कि महिला को पूरी तरह से सामाजिक और पारिवारिक संपर्क से काट दिया गया था. उसे अपने मायके वालों से बात करने या मिलने की अनुमति नहीं थी. जब परिवार फोन करता, तो उन्हें अक्सर यही जवाब मिलता कि वह या तो सो रही है या नहा रही है. जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट बताई जा रही है.
पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया है कि महिला का पति राहुल खंडूरी दिल्ली में नौकरी करता है. जब भी वह घर आता था, तो वह भी पत्नी के साथ मारपीट करता था और उसकी देखभाल करने के बजाय हिंसा में शामिल हो जाता था.
क्या परिवार को भी घर में आने से रोका गया?
शिकायत में यह भी कहा गया है कि पीड़िता के मायके वालों को ससुराल में घुसने तक नहीं दिया गया. उन्हें बार-बार वापस लौटा दिया जाता और यह कहा जाता कि 15 दिन बाद आएं. इसके साथ ही परिवार पर यह आरोप भी लगाया जाता रहा कि वे बेटी की शादी को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं.
पुलिस जांच कहां तक पहुंची?
सेलाकुई पुलिस स्टेशन में दर्ज शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सभी आरोपों की सत्यता जांचने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं. फिलहाल पुलिस का कहना है कि हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.




