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क्या हिंदुओं को खल रहा BJP का मंदिरों में दखल? बांके बिहारी कॉरिडोर में पुलिस और सेवायत के बीच जमकर मचा बवाल | VIDEO

श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर योजना को लेकर प्रशासन और मंदिर के सेवायतों के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है.

Vrindavan Banke Bihari Temple Controversy viral video
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Banke Bihari Temple Controversy

( Image Source:  X/ @hindipatrakar )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 26 Jan 2026 2:46 PM

वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर योजना को लेकर प्रशासन और मंदिर के सेवायतों के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है. लंबे समय से चल रहे विरोध के बीच शनिवार को स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई, जब मंदिर के सेवायत गोस्वामी अपनी मांगों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलने के लिए आगे बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया.

पुलिस कार्रवाई से नाराज सेवायतों का गुस्सा मंदिर परिसर में ही फूट पड़ा. देखते ही देखते प्रशासन और सेवायतों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जो बाद में हंगामे में बदल गई. इसी दौरान एक सेवायत गोस्वामी ने गुस्से में सबके सामने अपना कुर्ता फाड़ लिया. इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

BJP अध्यक्ष से मिलने की कोशिश में बढ़ा विवाद

सेवायत गोस्वामी बांके बिहारी मंदिर के आसपास प्रस्तावित कॉरिडोर निर्माण का लगातार विरोध कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह निर्माण कार्य मंदिर की सदियों पुरानी परंपराओं और व्यवस्थाओं में दखल है. इसी मुद्दे को लेकर वे अपनी आपत्तियां सीधे सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना चाहते थे और इसके लिए बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात की कोशिश कर रहे थे. हालांकि, सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने सेवायतों को आगे बढ़ने से रोक दिया, जिससे उनका आक्रोश और बढ़ गया.

मंदिर परिसर में तीखी बहस

घटना के दौरान मंदिर परिसर में ही एसपी क्राइम और सेवायत गोस्वामियों के बीच जोरदार बहस देखने को मिली. जब पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोका, तो भगवान के सामने ही दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई. माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया.

गुस्से में सेवायत ने फाड़े कपड़े

विरोध के दौरान एक सेवायत गोस्वामी अपना आपा खो बैठे और आक्रोश में आकर सबके सामने अपने कपड़े फाड़ लिए. यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के लिए भी चौंकाने वाला था. इस घटना ने पूरे विवाद को और गंभीर बना दिया.

सेवायतों का साफ कहना है कि बांके बिहारी मंदिर के आसपास किया जा रहा निर्माण कार्य उनकी धार्मिक आस्था, परंपराओं और मंदिर के मूल स्वरूप के खिलाफ है. उनका आरोप है कि प्रशासन उनकी भावनाओं को नजरअंदाज कर रहा है और जबरन कॉरिडोर योजना को आगे बढ़ाया जा रहा है.

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