Begin typing your search...

पीड़ित बटुक का खुलासा, मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत; FAQ से समझें शंकराचार्य पॉक्सो एक्ट केस का लेखा-जोखा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट केस में फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं. अब पीड़ित बटुक के बयान और मेडिकल रिपोर्ट से हंगामा मच गया है.

Swami Avimukteshwaranand POCSO case Minor allegation
X

Swami Avimukteshwaranand

( Image Source:  X/ @JaikyYadav16 )

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज होने के बाद जांच एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं. कोर्ट के आदेश पर दर्ज इस मामले में अब मेडिकल रिपोर्ट ने भी अहम भूमिका निभाई है, जिसमें कथित पीड़ित बटुकों के साथ यौन शोषण की पुष्टि होने की बात सामने आई है.

सूत्रों के अनुसार, पीड़ित बच्चों की मेडिकल जांच कराई गई थी और रिपोर्ट में जबरन यौन शोषण के संकेत मिले हैं. इस खुलासे के बाद मामला और गंभीर हो गया है. वहीं दूसरी ओर आरोपित पक्ष इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर इसे एक बड़ी साजिश बता रहा है.

मेडिकल रिपोर्ट में क्या सामने आया?

1. पीड़ित बटुकों की मेडिकल रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न के संकेत दर्ज किए गए हैं.

2. रिपोर्ट में यह उल्लेख है कि बच्चों के साथ जबरदस्ती किए जाने की पुष्टि हुई है.

3. पुलिस ने आधिकारिक तौर पर पूरी रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है.

सावल: क्या बोले पीड़ित बटुक?

जवाब: नरसिंहपुर आश्रम से जुड़े एक बटुक ने कैमरे के सामने आकर अपनी आपबीती साझा की. UP TAK को दिए एक इंटरव्यू में बटुक ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसे गुरु दीक्षा के नाम पर प्रताड़ित किया जाता था और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी जाती थी. पीड़ित बटुक के अनुसार, वह जून 2024 में आश्रम पहुंचा था. शुरुआती 10-15 दिन सामान्य रहे, लेकिन बाद में मुकुंदानंद और अन्य शिष्यों ने उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार शुरू कर दिया. बटुक का कहना है कि उसे जबरन यह कहकर ले जाया जाता था "चलो गुरु दीक्षा ग्रहण करो" और फिर उसके साथ शोषण होता था.

सवाल: क्या मिलती थी धमकी?

जवाब: पीड़ित ने दावा किया कि आश्रम में लगभग 20 बच्चे हैं, जिन्हें इसी तरह प्रताड़ित किया जाता है. उसने कहा कि बच्चों को डराते हुए बोला जाता था कि "अगर किसी को बताया तो तुम्हें और तुम्हारे माता-पिता को मार डालेंगे." उसने बताया कि वह और अन्य बच्चे अक्सर रोते रहते थे, लेकिन उनकी शिकायत सुनने वाला कोई नहीं था.

सवाल: कैसे पहुंचा आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के शिविर?

जवाब: पीड़ित बटुक ने बताया कि 18 जनवरी को माघ मेले के दौरान मची अफरा-तफरी का फायदा उठाकर वह वहां से भाग निकला और आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज के शिविर में पहुंचा. उसने कहा कि वह किसी दबाव में नहीं है और केवल न्याय चाहता है. हालांकि, उसने यह भी आरोप लगाया कि उसे और न्याय दिलाने की कोशिश कर रहे गुरुओं को लगातार धमकियां मिल रही हैं.

सवाल: आरोपों पर क्या बोले शंकराचार्य?

जवाब: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे एक बड़ी साजिश करार दिया है. उनका कहना है कि 18 जनवरी को वे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में थे और लगाए गए आरोप तथ्यहीन हैं.

सवाल: क्या अब होगी कार्रवाई?

जवाब: प्रयागराज के झूंसी थाना क्षेत्र में कोर्ट के निर्देश पर एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस टीम वाराणसी और अन्य संबंधित आश्रमों तक पहुंचकर जांच कर रही है। डिजिटल साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं. मामला संवेदनशील होने के कारण पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है. आने वाले दिनों में जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी.

UP NEWS
अगला लेख