ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े से बाहर किया गया, शंकराचार्य विवाद बना बड़ी वजह- देखिए VIDEO
ममता कुलकर्णी, जिन्हें यामाई ममता नंद गिरि के नाम से जाना जाता है, को किन्नर अखाड़े से औपचारिक रूप से बाहर कर दिया गया है. शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर उनके विवादित बयानों के कारण अखाड़ा परिषद ने यह निर्णय लिया.
किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर रहीं ममता कुलकर्णी को अखाड़े से औपचारिक रूप से बाहर कर दिया गया है. शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दिए गए उनके विवादित बयानों के बाद यह फैसला लिया गया. अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने वीडियो जारी कर इसकी पुष्टि की और स्पष्ट किया कि अब ममता कुलकर्णी का किन्नर अखाड़े से किसी भी तरह का कोई संबंध नहीं है.
डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि अखाड़े के पदाधिकारियों के साथ बैठक के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया. उन्होंने यह भी साफ किया कि किन्नर अखाड़ा किसी तरह के धार्मिक, राजनीतिक या सामाजिक विवाद में नहीं पड़ना चाहता और शांति बनाए रखना ही उसकी प्राथमिकता है.
किन्नर अखाड़े का आधिकारिक बयान
किन्नर अखाड़े की प्रमुख महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने कहा कि ममता कुलकर्णी अब न तो अखाड़े की पदाधिकारी हैं और न ही सदस्य. हमारे अखाड़े में महिलाएं, पुरुष और किन्नर सभी शामिल हैं. हम किसी भी तरह के विवाद से खुद को दूर रखना चाहते हैं.” उन्होंने मौनी अमावस्या के दिन बटुक ब्राह्मणों के साथ हुई मारपीट की घटना पर भी नाराजगी जताई और कहा कि ऐसी घटनाएं अखाड़े की परंपराओं और मर्यादाओं के खिलाफ हैं.
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर बयान से बढ़ा विवाद
25 जनवरी (रविवार) को ममता कुलकर्णी, जिनका संन्यास नाम यामाई ममता नंद गिरि है, ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े विवाद पर तीखा बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि “10 में से 9 महामंडलेश्वर और तथाकथित शंकराचार्य झूठे हैं और उनका ज्ञान शून्य है.” इसके साथ ही उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद से दो सवाल भी पूछे थे. पहला, उन्हें शंकराचार्य किसने नियुक्त किया? दूसरा, करोड़ों की भीड़ में रथ या पालकी लेकर निकलने की क्या जरूरत थी?
शिष्यों की पिटाई का लगाया आरोप
ममता कुलकर्णी ने आरोप लगाया था कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की जिद और अहंकार की वजह से उनके शिष्यों को पिटाई झेलनी पड़ी. उन्होंने कहा था कि यदि स्नान करना ही था तो पालकी से उतरकर पैदल भी किया जा सकता था. उनका कहना था कि गुरु होने का अर्थ जिम्मेदारी से भरा आचरण होता है, न कि ऐसी जिद जिसकी कीमत शिष्यों को चुकानी पड़े.
अखिलेश यादव और राजनीति पर भी उठाए सवाल
ममता कुलकर्णी ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने पूछा था कि क्या अखिलेश यादव गोहत्या रोकने का ठोस वचन दे सकते हैं. ऋग्वेद में ऋषि कुणाल और श्वेतकेतु के संवाद का हवाला देते हुए उन्होंने कहा था कि धर्म को राजनीति से दूर रखना चाहिए.
पीएम मोदी की तारीफ, विपक्ष पर टिप्पणी
IANS न्यूज एजेंसी से बातचीत में ममता कुलकर्णी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलकर तारीफ की थी. उन्होंने कहा था, “पीएम नरेंद्र मोदी के अलावा फिलहाल कोई विकल्प नजर नहीं आता. मोदी हैं तो कुछ गलत नहीं हो रहा. अगर किसी को गलत लग रहा है तो बताइए.” उन्होंने यह भी कहा था कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद समाजवादी पार्टी की ओर झुक रहे हैं और केवल एक मुद्दे- गोहत्या पर राजनीति की जा रही है.
प्रियंका गांधी और ममता बनर्जी पर बयान
ममता कुलकर्णी ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को राहुल गांधी से अधिक सक्षम बताया था. वहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लेकर उन्होंने कहा था कि बीजेपी ने पूरी ताकत झोंकी, लेकिन “महाकाली की शक्ति से ममता बनर्जी की जीत हुई.” ममता कुलकर्णी ने यह भी साफ किया था कि वह इस जन्म में बॉलीवुड में वापस नहीं जाएंगी और महामंडलेश्वर पद से भी मुक्त होना चाहती हैं.
23 जनवरी 2025 को वह अचानक प्रयागराज महाकुंभ पहुंचीं, जहां उनकी मुलाकात किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से हुई. इसके बाद अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र पुरी से चर्चा के बाद उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया और नाम रखा गया- यामाई ममता नंद गिरि.
संत समाज का विरोध और पद छोड़ने का घटनाक्रम
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और योग गुरु बाबा रामदेव समेत कई संतों ने ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने का विरोध किया था. बाबा रामदेव ने कहा था कि कोई एक दिन में संतत्व को प्राप्त नहीं कर सकता. इसके बाद 10 फरवरी को ममता कुलकर्णी ने महामंडलेश्वर पद छोड़ दिया था, लेकिन 12 फरवरी को उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. अब ताजा घटनाक्रम में किन्नर अखाड़े ने उन्हें पूरी तरह बाहर करने का फैसला कर लिया है.





