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सच्चाई से कब तक भागेगी पुलिस! युवराज की जान नहीं बचा पाई तो चश्मदीद के बदल दिए थे बयान, डिलीवरी बॉय ने खोल दी पोल | Video

नोएडा (Noida) सेक्टर-150 में हुई 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने हर किसी को हिला कर रख दिया. युवराज मेहता की मौत के बाद पुलिस से लेकर अधिकारियों तक पर काफी सवाल उठ रहे हैं. वहीं चश्मदीद डिलीवरी बॉय मोहिंदर ने पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं.

Noida Yuvraj Mehta Death Case Eye Witness Mohinder Statement
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Noida yuvraj mehta death

( Image Source:  X/ @pushpendrakum @Saurabh_MLAgk )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 21 Jan 2026 8:29 AM

Noida Yuvraj Mehta Death Case: नोएडा (Noida) सेक्टर-150 में हुई 27 साल के इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने हर किसी को हिला कर रख दिया. युवराज मेहता की मौत के बाद पुलिस से लेकर अधिकारियों तक पर काफी सवाल उठ रहे हैं. इस दर्दनाक घटना ने सिस्टम की तैयारियों और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. नाले के किनारे बने मॉल के बेसमेंट में भरे पानी में कार सहित गिरे युवराज मेहता की मौत को लेकर अब चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं.

चश्मदीद और रेस्क्यू में खुद पानी में उतरने वाले डिलीवरी बॉय मोहिंदर का कहना है कि अगर समय रहते प्रयास किया जाता, तो युवराज की जान बचाई जा सकती थी. इतना ही पुलिस के दबाव के बाद मोहिंदर ने अपना बयान भी बदल लिया था, लेकिन फिर उसने न्यूज पिंच से बात करते हुए इस बात को भी कबूला की पुलिस ने उस पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया था. इसके बाद मामला और ज्यादा भड़कता हुआ दिखाई दे रहा है.

मोहिंदर का सबसे पहला बयान

घटना के अगले दिन जब डिलीवरी बॉय मोहिंदर ने बताया था कि यह हादसा रात करीब 12 बजे हुआ. गाड़ी गिरने के बाद लड़का चिल्लाता रहा कि मुझे बचा लो और मौके पर पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF भी थी लेकिन किसी ने उसकी जान नहीं बचाई. सब बोल रहे थे कि पानी बहुत ठंडा है, अंदर सरिया है बस वो लोग बहाने बनाते रहे. इसके मैनें पानी में छलांग लगाई और लड़के को 30 मिनट तक ढूंढा लेकिन मुझे न तो लड़का और न ही गाड़ी मिली. इसके बाद मैं बाहर आ गया और करीब 5 बजे अपने घर आ गया था.

पुलिस के दबाव के बाद मोहिंदर का दूसरा बयान

इसके बाद जब पुलिस ने मोहिंदर पर दबाव बनाया तो उसके अगले वीडियो में अपना बयान बदलते हुए कहा कि हमारे यहां एक घटना हुई थी जिसमें ज्यादा कोहरा की वजह से एक 27 साल के लड़के की गाड़ी रोड़ से सीधे तालाब में गिर गई थी. इसके बाद पुलिस 15 मिनट के बाद वहां पहुंच गई थी और मैं भी वहां पहुंच जाता हूं और पुलिस उसे बचाने की कोशिश कर रही थी. इसके बाद फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें वहां आई लेकिन ज्यादा कोहरा होने के चलते पानी में कुछ दिख नहीं पा रहा था, लेकिन उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद लड़के को रेस्क्यू कर लिया था.

मोहिंदर का तीसरा बयान

इसके बाद मंगलवार को घटनास्थल पर न्यूज पिंच ने बातचीत करते हुए मोहिंदर ने बताया कि उसपर बयान बदलने के लिए पुलिस ने काफी दबाव बनाया था. पुलिस ने उससे कहा था हमारा साथ दो, ये जो माइक कैमरा लेकर आ रहे हैं बस 4 या 5 दिन ही आएंगे. इसके हमें ही यहां रहना है. मोहिंदर का कहना है कि पुलिस ने उसको नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन के पास एक पार्क में ले जाकर काफी डांट लगाई थी. इसके अलावा कई दिनों तक गायब रहने के लिए भी कहा था. इसके पुलिस ने पार्क में उसको एक स्क्रिप्ड देकर वीडियो सूट करवाई थी.

मोहिंदर के इस बयान ने मामले में और ज्यादा हलचल और पुलिस पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. वहीं सीएम योगी के निर्देश पर मामले के लिए SIT टीम गठित की गई है जो जल्द ही मामले की पूरी रिपोर्ट सौंपेगी.

UP NEWSयोगी आदित्‍यनाथ
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