नोएडा अथॉरिटी के CEO पर गिरी गाज, तीन सदस्यीय SIT का हुआ गठन; इंजीनियर मौत मामले में योगी सरकार की बड़ी कार्रवाई-TOP Updates
नोएडा के सेक्टर-150 में घने कोहरे के बीच गहरे पानी से भरे गड्ढे में गिरने से 27 वर्षीय टेक इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय SIT गठित की है, जो पांच दिन में रिपोर्ट देगी. पोस्टमॉर्टम में डूबने से मौत की पुष्टि हुई है, जबकि सुरक्षा इंतजामों की कमी और नोएडा अथॉरिटी की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं. प्रशासन ने CEO को हटा दिया है.
CM Yogi on Engineer Yuvraj Mehta death case Noida : नोएडा में 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की दर्दनाक मौत के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं. सरकार ने इस घटना की सभी परिस्थितियों की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है, जिसे पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी.
इस SIT की अगुवाई मेरठ ज़ोन के एडीजी करेंगे. टीम में मेरठ के मंडलायुक्त और लोक निर्माण विभाग (PWD) के मुख्य अभियंता को भी शामिल किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक, टीम को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जांच समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से पूरी हो.
16 जनवरी की रात हुआ हादसा
यह हादसा 16 जनवरी की देर रात नोएडा के सेक्टर-150 में हुआ, जब युवराज मेहता गुरुग्राम स्थित अपने ऑफिस से घर लौट रहे थे. घने कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य हो गई थी. इसी दौरान उनकी मारुति सुजुकी ग्रैंड विटारा सड़क से फिसलकर एक खाली प्लॉट में बने गहरे और पानी से भरे गड्ढे में जा गिरी. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि युवराज की मौत डूबने से दम घुटने (एंटी-मॉर्टेम ड्रोउनिंग) और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट के कारण हुई.
एक घंटे 45 मिनट तक मदद के लिए चीखते रहे युवराज
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवराज करीब एक घंटे 45 मिनट तक मदद के लिए चीखते रहे. एक प्रत्यक्षदर्शी मोनिंदर ने बताया, “वह लगातार कह रहे थे- कृपया मुझे बचा लीजिए, किसी भी तरह से बचा लीजिए.” हालांकि सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन गड्ढे की गहराई, पानी, अंधेरा और घना कोहरा होने के कारण बचाव कार्य बेहद मुश्किल हो गया. ग्रेटर नोएडा के सहायक पुलिस आयुक्त हेमंत उपाध्याय ने कहा, “हमें डर था कि अगर कोई पानी में उतरता तो और जानें खतरे में पड़ सकती थीं. हालात बेहद जोखिम भरे थे.”
युवराज के पिता ने अपनी शिकायत में क्या कहा?
युवराज के पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, सेक्टर-150 के निवासियों ने पहले ही नोएडा अथॉरिटी से उस गड्ढे के पास बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. पुलिस का कहना है कि गड्ढे की बाउंड्री वॉल कई जगह से टूटी हुई थी.
SIT की रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई
फिलहाल पुलिस घने कोहरे, तेज रफ्तार और सुरक्षा इंतजामों की कमी जैसे पहलुओं को हादसे की संभावित वजह मानकर जांच कर रही है. SIT की रिपोर्ट के बाद जिम्मेदार एजेंसियों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है.





