नोएडा में 200 करोड़ का ट्रेडिंग स्कैम! 15% मुनाफे के लालच में हजारों निवेशक ठगी का शिकार
नोएडा में कथित ट्रेडिंग और एमएलएम नेटवर्क के जरिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
नोएडा में एक बार फिर से निवेश के नाम पर बहुत बड़ी ठगी का मामला सामने आया है. लोगों को Momentum Catalyst Service और My Trade के नाम पर एक कथित अवैध निवेश योजना चलाकर करोड़ों रुपये ठगे गए हैं. इस घोटाले में कई लोग फंस गए हैं और अब पुलिस इस मामले की जांच कर रही है. शिकायतकर्ता राजत ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने ट्रेडिंग और निवेश का लालच देकर लोगों को फंसाया. उन्होंने लोगों से बहुत बड़ी-बड़ी रकमें जमा कराईं, लेकिन बाद में उनका पैसा वापस नहीं किया. इस शिकायत के आधार पर थाना सेक्टर 142 की पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है.
आरोपियों के नाम
शिकायत में मुख्य रूप से इन लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं:नूर मोहम्मद बिलाल, अब्दुल रहमान, अनस मोहम्मद और शाहवेज. इनके अलावा और भी कई अन्य लोग इस पूरे घोटाले में शामिल बताए जा रहे हैं.
घोटाले की पूरी कहानी
पीड़ितों का कहना है कि आरोपियों ने MCS Consultancy Services Pvt. Ltd. नाम की कंपनी बनाकर पोंजी स्कीम और मल्टी लेवल मार्केटिंग का नेटवर्क चलाया. उन्होंने खुद को बहुत बड़े और प्रोफेशनल ट्रेडर बताया. लोगों को आकर्षित करने के लिए उन्होंने दावा किया कि हर महीने 6 प्रतिशत से लेकर 15 प्रतिशत तक मुनाफा दिया जाएगा. इस झांसे में फंसाने के लिए उन्होंने फर्जी दस्तावेज भी दिखाए, जैसे NISM सर्टिफिकेट और अन्य जाली प्रमाण-पत्र. आरोपियों ने नोएडा के भूटानी अल्फाथम और डीएलएफ मॉल में स्थित अपने ऑफिसों में कई-कई मीटिंग्स रखी. इन मीटिंग्स में उन्होंने शानदार प्रेजेंटेशन देकर लोगों को भरोसा दिलाया कि उनका पैसा पूरी तरह सुरक्षित है और अच्छा मुनाफा मिलेग. शुरुआत में कुछ लोगों को छोटे-मोटे मुनाफे के पैसे दे दिए गए, ताकि बाकी लोगों का विश्वास जीता जा सके. जब लोग और ज्यादा पैसा लगाने लगे, तब आरोपियों ने तरह-तरह के बहाने बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने कहा कि 'सिस्टम अपग्रेड हो रहा है', 'तकनीकी समस्या आ गई है', 'मार्केट में उतार-चढ़ाव है' आदि. इन बहानों के बाद उन्होंने पैसे देना पूरी तरह बंद कर दिया.
पीड़ितों की दर्द भरी स्थिति
शिकायतकर्ता राजत और शिवम ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने उनसे कुल मिलाकर 56 लाख रुपये की ठगी की है. दोनों ने अपनी मेहनत की कमाई, परिवार की बचत और यहां तक कि कर्ज लेकर भी यह पैसा निवेश किया था. अब उनके पास न तो पैसा बचा है और न ही कोई उम्मीद नजर आ रही है. पीड़ितों का अनुमान है कि इस नेटवर्क के जरिए सैकड़ों-हजारों लोगों से पैसा लिया गया है. कुल ठगी की रकम 200 करोड़ रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है.
धमकियों के आरोप भी
पीड़ितों ने यह भी शिकायत की है कि जब वे अपना पैसा वापस मांगते हैं तो आरोपियों के लोग उन्हें धमकियां देते हैं. कई निवेशक डर के कारण चुपचाप बैठे हैं और पुलिस के पास आने से भी हिचकिचा रहे हैं.
क्या कर रही है पुलिस?
सेक्टर 142 की पुलिस ने शिकायत मिलते ही फौरन मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस की टीम इस समय पूरे मामले की गहरी छानबीन कर रही है. जांच के दौरान निम्नलिखित चीजों पर खास ध्यान दिया जा रहा है: सभी निवेश संबंधी दस्तावेज, बैंक खातों का पूरा लेन-देन, डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन. आरोपियों का पूरा नेटवर्क और उनके सहयोगी. पुलिस आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है. साथ ही अन्य पीड़ितों से अपील की गई है कि अगर वे भी इस योजना में फंसे हैं तो तुरंत थाने में आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं. यह मामला एक बार फिर यह बात साफ करता है कि बहुत ज्यादा मुनाफे का वादा करने वाली योजनाएं ज्यादातर ठगी का जाल होती हैं. आम लोगों को सलाह दी जाती है कि किसी भी तरह के निवेश से पहले SEBI द्वारा रजिस्टर्ड कंपनी की पूरी जांच कर लें और बिना अच्छी जानकारी के कभी भी अपना पैसा न लगाएं.




