जेवर एयरपोर्ट से गौतमबुद्धनगर के बाद अब अलीगढ़ की भी चमकेगी किस्मत, 8 हजार हेक्टेयर में बनेगा नया औद्योगिक कॉरिडोर
Noida International Airport का असर अब तेजी से पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में दिखाई देने लगा है. अब तक माना जा रहा था कि इस एयरपोर्ट का सबसे ज्यादा फायदा गौतमबुद्ध नगर को मिलेगा, लेकिन अब अलीगढ़ जिले की किस्मत भी चमकने वाली है.
Noida International Airport To Boost Aligarh, Yeida New Industrial Corridor near Jewar Airport: जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का असर अब सिर्फ गौतमबुद्धनगर तक सीमित नहीं रहेगा. एयरपोर्ट के चलते अब अलीगढ़ जिले की तस्वीर भी बदलने जा रही है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने एयरपोर्ट के पास करीब 8 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में नया औद्योगिक कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी शुरू कर दी है. इस परियोजना का बड़ा हिस्सा अलीगढ़ जिले में आएगा, जिससे यहां उद्योग, रोजगार और निवेश के नए रास्ते खुलेंगे.
यमुना अथॉरिटी के अधिकारियों के मुताबिक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट करीब 4750 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित हो रहा है. एयरपोर्ट के आगे टप्पल-बाजना अर्बन सेंटर बसाने की योजना है, जहां लॉजिस्टिक हब भी तैयार किया जाएगा. इसी एयरपोर्ट और टप्पल-बाजना क्षेत्र के बीच करीब 8 हजार हेक्टेयर अधिसूचित क्षेत्र में नया इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित होगा.
फैक्ट्रियों तक ही सीमित नहीं रहेगा नया औद्योगिक कॉरिडोर
- नया औद्योगिक कॉरिडोर सिर्फ फैक्ट्रियों तक सीमित नहीं रहेगा. यहां औद्योगिक इकाइयों के साथ आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स लैंड यूज परियोजनाएं भी विकसित की जाएंगी. एयरपोर्ट के नजदीक होने की वजह से होटल, वेयरहाउस, लॉजिस्टिक पार्क और कॉर्पोरेट हब बनने की संभावनाएं भी तेजी से बढ़ गई हैं.
- यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित होने के कारण इस क्षेत्र को बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी. यही वजह है कि देश-विदेश की कंपनियां यहां निवेश के लिए दिलचस्पी दिखा रही हैं. बढ़ती मांग को देखते हुए यमुना ऑथोरिटी ने इस नए औद्योगिक कॉरिडोर की योजना तैयार की है.
- कॉरिडोर की प्लानिंग और मास्टर प्लान तैयार करने के लिए यीडा जल्द ही एक्सपर्ट एजेंसी का चयन करेगा. इसके लिए जल्द आरएफपी जारी की जाएगी.
- अधिकारियों का मानना है कि एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इस पूरे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी.
अब तक जेवर एयरपोर्ट का सबसे ज्यादा फायदा गौतमबुद्ध नगर को मिलता दिखाई दे रहा था, लेकिन नई योजना से अलीगढ़ भी विकास की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ेगा. बड़े उद्योग आने से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में जमीनों की मांग भी बढ़ेगी.




