Begin typing your search...

जेवर एयरपोर्ट का दिखने लगा बड़ा असर, पैदा होंगी 45 हजार नौकरियां- यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में कंपनियों की लगी लाइन

जेवर एयरपोर्ट के बाद यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में निवेश तेजी से बढ़ रहा है. करीब 31 हजार करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं से 45 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है.

जेवर एयरपोर्ट का दिखने लगा बड़ा असर, पैदा होंगी 45 हजार नौकरियां- यमुना अथॉरिटी क्षेत्र में कंपनियों की लगी लाइन
X
( Image Source:  X-@ANI )
मोहम्मद रज़ा
By: मोहम्मद रज़ा2 Mins Read

Published on: 21 May 2026 11:58 AM

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक प्राधिकरण क्षेत्र तेजी से औद्योगिक हब के रूप में विकसित हो रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही यहां करीब 31 हजार करोड़ रुपये की औद्योगिक परियोजनाओं का शिलान्यास कर सकते हैं. इसके लिए ऑथोरिटी अधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.

जानकारी के मुताबिक, यमुना प्राधिकरण ने वर्ष 2025-26 के दौरान अलग-अलग कंपनियों को करीब 966 एकड़ जमीन आवंटित की है. इन परियोजनाओं के शुरू होने से करीब 45 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है. इससे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां और तेजी से बढ़ेंगी.

अब क्या है नोएडा अथॉरिटी का प्लान?

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनने के बाद यमुना ऑथोरिटी क्षेत्र में निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ी है. कई औद्योगिक सेक्टरों की जमीन पूरी तरह आवंटित हो चुकी है. बढ़ती मांग को देखते हुए प्राधिकरण अब नए सेक्टरों के लिए किसानों से जमीन खरीदने की तैयारी कर रहा है.

यमुना ऑथोरिटी क्षेत्र में सोलर पैनल, फूड प्रोसेसिंग, बैटरी निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसी आधुनिक इंडस्ट्रियल यूनिट्स स्थापित की जाएंगी. इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.

इंडस्ट्रियल एरिया के लिए सेक्टर-8, 8डी, 10 और सेक्टर-32 में जमीन आवंटित की गई है. इन क्षेत्रों में उद्योग लगने से आसपास आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ेंगी. आने वाले समय में यहां शहरी ढांचा और बेहतर होने की उम्मीद है. इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से कई बड़ी कंपनियों को जमीन आवंटित की गई है. इनमें सोलर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, डेयरी और ग्रीन एनर्जी क्षेत्र से जुड़ी कंपनियां शामिल हैं.

यमुना अथॉरिटी ने कितनी कंपनियों को जमीन की आवंटित?

इसके अलावा यमुना ऑथोरिटी ने इंटरव्यू प्रोसेस के जरिए 43 कंपनियों को करीब 98 एकड़ जमीन दी है. इन परियोजनाओं में लगभग 2 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 14 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा. वहीं ई-नीलामी के माध्यम से 79 औद्योगिक यूनिट्स को 46 एकड़ जमीन आवंटित की गई है. इन परियोजनाओं में करीब 658 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे लगभग 8700 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है.

अगला लेख