Noida Buses: नोएडा वालों के लिए खुशखबरी, अब चलेंगी 50 बसें, जानें कौन-कौन से हैं 4 रूट
नोएडा में जल्द ही 50 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसें शुरू होने जा रही हैं, जो शहर के प्रमुख इलाकों को जोड़ेंगी. इससे लाखों लोगों को बेहतर सफर, कम खर्च और ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है.
नोएडा के लोगों के लिए एक बहुत अच्छी और राहत भरी खबर आई है. नोएडा प्राधिकरण ने शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है. प्राधिकरण ने उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है. इसके तहत नोएडा शहर में 50 नई इलेक्ट्रिक सिटी बसें चलाई जाएंगी.
ये बसें शहर के अलग-अलग हिस्सों को आपस में जोड़ने का काम करेंगी. ये बसें कुल चार मुख्य रूटों पर चलेंगी. इन रूटों में शामिल हैं: सेक्टर-90 बस डिपो और बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के गौर चौक तक, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट), सेक्टर-62, फेस-2 औद्योगिक क्षेत्र और सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक. इसका मतलब है कि अब लोगों को इन सभी जगहों के बीच सफर करने के लिए बस मिल जाएगी, जो पहले काफी मुश्किल था.
क्या-क्या है सुविधाओं की तैयारी?
इन बसों को सुचारू रूप से चलाने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अच्छी तैयारी की है. सेक्टर-90 में बने बस डिपो में सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. वहां ई-चार्जिंग पॉइंट, बसों की सर्विसिंग और मरम्मत का स्टेशन, और ड्राइवर-कंडक्टर के लिए वर्कशॉप जैसी सुविधाएं बनाई गई हैं. खास बात यह है कि सेक्टर-90 डिपो में 20 चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं. इनसे एक साथ सभी 50 बसों को चार्ज किया जा सकेगा. इसके अलावा, बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन के पास बस स्टैंड पर भी 4 ऑपर्च्युनिटी चार्जिंग स्टेशन लगाए जा रहे हैं, जहां 8 बसों को एक साथ चार्ज करने की व्यवस्था होगी. मोरना बस डिपो में भी पहले से ही इलेक्ट्रिक चार्जिंग की सुविधा तैयार कर ली गई है. ये बसें UPSRTC द्वारा तय किए गए किराए पर ही चलाई जाएंगी. अगर इन बसों के चलाने में कोई घाटा होता है, तो उसका पूरा खर्च नोएडा प्राधिकरण खुद उठाएगा.
इस नई बस सेवा से क्या फायदा होगा?
इस नई इलेक्ट्रिक बस सेवा के शुरू होने से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों को बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है. अब लोग आसानी से बॉटेनिकल गार्डन मेट्रो स्टेशन से सेक्टर-62, ग्रेटर नोएडा वेस्ट, जेवर एयरपोर्ट, फेस-2 इंडस्ट्रियल एरिया और सूरजपुर कलेक्ट्रेट तक आ-जा सकेंगे. सबसे बड़ी राहत यह होगी कि अब लोगों को छोटे वाहनों जैसे ई-रिक्शा, ऑटो या टैक्सी पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ेगा. खासकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लोगों को रोजाना आने-जाने में काफी परेशानी होती थी. अब ये नई बसें शुरू होने के बाद उनकी मुश्किलें काफी हद तक कम हो जाएंगी. इसके अलावा, शहर में छोटे वाहनों की संख्या कम होने से ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी कम होने की उम्मीद है.




