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नवरात्रि में जमकर खरीदारी, अब छाया सन्नाटा! आखिर सोना-चांदी क्यों नहीं खरीद रहे लोग? नोएडा के सर्राफा बाजार के कारोबारी ने बताई वजह

नोएडा के सर्राफा बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के चलते फेस्टिव सीजन में खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ गई है. नवरात्र में अच्छी बिक्री के बाद अब ग्राहकों ने भाव स्थिर होने और और गिरावट आने के इंतजार में खरीदारी रोक दी है. कारोबारियों को धनतेरस पर काफी उम्मीदें हैं.

Noida Gold and Silver Market Dull Ahead of Dhanteras 2026, Traders Hope for Festive Boost
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मोहम्मद रज़ा
मोहम्मद रज़ा5 Mins Read

Updated on: 5 Nov 2026 2:58 PM IST

फेस्टिव सीजन के बीच नोएडा के सर्राफा बाजार में इस बार कारोबारियों को उम्मीद के मुताबिक रौनक नजर नहीं आ रही है. सोने-चांदी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव के कारण ग्राहक खरीदारी को लेकर असमंजस में हैं. नवरात्र के शुरुआती दिनों में बाजार में अच्छी खरीदारी देखने को मिली थी, लेकिन बाद में कीमतों में आई गिरावट और आगे और सस्ता होने की चर्चाओं ने ग्राहकों को फिलहाल खरीदारी से रोक दिया है. अब सर्राफा कारोबारियों की निगाहें धनतेरस पर टिकी हैं.

नोएडा के सेक्टर-18 स्थित सर्राफा बाजार में व्यापारी पारस गुप्ता ने बताया कि इस बार फेस्टिव सीजन में अच्छे कारोबार की उम्मीद थी. नवरात्र के शुरुआती दिनों में बिक्री भी अच्छी रही, लेकिन पिछले डेढ़ महीने में सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है. इस दौरान कीमतें करीब 20 से 22 हजार रुपये तक बढ़ीं और फिर अलग-अलग चरणों में करीब 10-10 हजार रुपये की गिरावट आई. ऐसे में ग्राहकों का खरीदारी को लेकर मनोबल प्रभावित हुआ है.

ग्राहकों में क्यों है असमंजस की स्थिति?

पारस गुप्ता के मुताबिक, जब तक सोने की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक ग्राहक खरीदारी का फैसला लेने से बचते हैं. कीमतें बढ़ने पर ग्राहक भाव कम होने का इंतजार करते हैं और जब भाव गिरते हैं तो उन्हें आगे और गिरावट की उम्मीद रहती है. सोशल मीडिया पर सोने की कीमत एक लाख रुपये तक आने जैसी चर्चाओं से भी ग्राहकों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. हालांकि, कारोबारियों ने धनतेरस के लिए पूरी तैयारी कर रखी है और उन्हें इस दिन अच्छी बिक्री की उम्मीद है.

सर्राफा बाजार में सबसे ज्यादा मांग किसकी?

त्योहारों के दौरान सर्राफा बाजार में सबसे ज्यादा मांग चांदी के सिक्कों और सोने की गिन्नी की रहती है. इसके अलावा जिन परिवारों में शादी होने वाली है, वे गहनों और ब्राइडल सेट की खरीदारी भी कर रहे हैं. व्यापारी के मुताबिक, आजकल युवा पीढ़ी में लाइटवेट ज्वेलरी का ट्रेंड बढ़ रहा है. खासकर डायमंड की हल्की ज्वेलरी ग्राहकों को पसंद आ रही है. कारोबारियों को उम्मीद है कि दिवाली के बाद शुरू होने वाला वेडिंग सीजन बाजार में बिक्री को रफ्तार देगा.

क्या अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ता है?

पारस गुप्ता ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होने वाली घटनाओं का असर सोने-चांदी की कीमतों और सर्राफा कारोबार पर पड़ता है. अमेरिका की टैरिफ नीतियों में बदलाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर होने वाले फैसलों से भारतीय बाजार को भी फायदा मिल सकता है. वहीं, ईरान और इजरायल के बीच तनाव और युद्ध की आशंकाओं से कारोबारियों की चिंता बढ़ती है. युद्ध की स्थिति में व्यापार और बाजार पर असर पड़ना तय है.

क्या प्रधानमंत्री की अपील का कारोबार पर पड़ा असर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सोने-चांदी की खरीद कम करने की अपील को लेकर व्यापारी का कहना है कि इसका कारोबार पर कोई खास असर नहीं पड़ा, उन्होंने बताया कि भारत में सोना सिर्फ निवेश का माध्यम नहीं है, बल्कि लोगों की जरूरत, शौक और भावनाओं से भी जुड़ा हुआ है. शादी-विवाह जैसे आयोजनों में ज्वेलरी की जरूरत बनी रहती है. वहीं, निवेश के लिहाज से भी लोग सोने में पैसा लगाते हैं.

ज्वेलरी खरीदते समय हमेशा पक्का बिल लें

सर्राफा व्यापारी ने ग्राहकों को सलाह दी कि सोना-चांदी या किसी भी तरह की ज्वेलरी खरीदते समय हमेशा पक्का बिल लें. बिना बिल के खरीदारी नहीं करनी चाहिए. उन्होंने बताया कि एमएमटीसी के सिक्कों पर उत्पाद से जुड़ी पूरी जानकारी और कोड दिया जाता है, जिसे वेबसाइट या ऐप के माध्यम से सत्यापित किया जा सकता है. इससे ग्राहक खरीदे गए उत्पाद की जानकारी जांच सकते हैं.

क्या आने वाले समय में बढ़ेंगी सोने की कीमतें?

पारस गुप्ता का कहना है कि मौजूदा समय में सोने में निवेश करने के इच्छुक लोग खरीदारी पर विचार कर सकते हैं. उनके मुताबिक, आने वाले समय में सोने की कीमतों में और तेजी आने का अनुमान है. हालांकि, बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है. ऐसे में फिलहाल कारोबारियों को धनतेरस और आगामी वेडिंग सीजन से बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद है.

सोना-चांदी
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