Varanasi Ropeway: 45 मिनट का सफर कैसे होगा 15 मिनट में पूरा? टिकट से लेकर रूट तक जानें सबकुछ, FAQ
वाराणसी में रोपवे के चलते अब 45 मिनट का सफर 15 मिनट में पूरा हो जाएगा. यह रोपवे वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर गोदौलिया चौक पांच जगहों के बीच चलेगा.
बनारस जाने का प्लान बनाते ही सबसे पहले मन में गंगा घाट, काशी विश्वनाथ मंदिर और वहां की खूबसूरत गलियों की तस्वीर आने लगती है. लेकिन यहां पहुंचने के बाद एक परेशानी ऐसी है, जिसका सामना लगभग हर पर्यटक को करना पड़ता है और वह है ट्रैफिक जाम. अब इसी परेशानी को कम करने के लिए वाराणसी में एक नई सुविधा शुरू होने जा रही है. यहां देश की पहली शहरी पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे सेवा तैयार की जा रही है. इसके चलते 45 मिनट का सफर 15 मिनट में पूरा होगा.
वाराणसी की इस खास परिवहन सुविधा को दिसंबर 2026 के आखिर तक शुरू करने की तैयारी है. नवंबर में इसके उद्घाटन की उम्मीद जताई गई है. हालांकि, यात्रियों के लिए सेवा किस दिन से शुरू होगी, इसकी अंतिम तारीख आधिकारिक घोषणा के बाद ही साफ होगी.
इसका सफर वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से शुरू होगा और गोदौलिया चौक तक पहुंचेगा. यानी ट्रेन से उतरने के बाद शहर के प्रमुख इलाकों तक पहुंचने के लिए यात्रियों को केवल सड़क पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
पूरे रूट पर पांच स्टेशन होंगे. इनमें कैंट रेलवे स्टेशन, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा, गिरजाघर और गोदौलिया चौक शामिल हैं. यात्री अपनी मंजिल के हिसाब से बीच के स्टेशनों पर भी उतर सकेंगे.
फिलहाल कैंट से गोदौलिया तक सड़क से जाने में ट्रैफिक के कारण करीब 45 मिनट लग सकते हैं. रोपवे से यही दूरी लगभग 15 से 16 मिनट में पूरी होने की उम्मीद है. इससे यात्रियों का काफी समय बचेगा.
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पूरे रास्ते का किराया करीब 50 रुपये हो सकता है. वहीं, बीच के स्टेशनों तक जाने के लिए कम पैसे देने पड़ सकते हैं.
इस रोपवे में करीब 220 केबल कार चलाने की योजना है. हर कार में एक साथ 10 यात्री सफर कर सकेंगे. इससे एक समय में बड़ी संख्या में लोगों को यात्रा की सुविधा मिल पाएगी.
वाराणसी रोपवे परियोजना पर करीब 645 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. इसे तैयार करने में स्विट्जरलैंड की कंपनी Bartholet Maschinenbau AG और भारतीय कंपनी Vishwa Samudra Engineering Private Limited ने मिलकर काम किया है.




