चादर बदल रही थी महिला और धंस गई जमीन, बेड समेत जमीन में समाई, भिंड में फिर ऐसे बचाई गई जान
भिंड में बुधवार रात एक महिला के साथ अजीब हादसा हो गया. वह कमरे में बिस्तर की चादर बदल रही थी, तभी अचानक फर्श टूट गया और वह बिस्तर समेत 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी. परिवार और पड़ोसियों ने सीढ़ी की मदद से उसे बाहर निकाला. फिलहाल महिला अस्पताल में भर्ती है.
बिस्तर समेत 15 फीट गहरे गड्ढे में जा गिरी महिला
मध्य प्रदेश के भिंड में एक घर के अंदर ऐसा हादसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. कमरे में मौजूद 45 साल की महिला अचानक फर्श टूटने से बिस्तर समेत करीब 15 फीट नीचे जा गिरी. कुछ ही सेकंड में कमरे की जमीन धंस गई और महिला गहरे गड्ढे में फंस गई. हादसे के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई.
परिवार के लोग और पड़ोसी तुरंत मदद के लिए पहुंचे. उन्होंने सीढ़ी की मदद से महिला को बाहर निकाला. महिला को चोटें आई हैं और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है. बताया जा रहा है कि घर के नीचे आजादी से पहले का अनाज रखने वाला पुराना तहखाना था, जिसमें पानी भरने और मिट्टी खिसकने से फर्श कमजोर हो गया था.
कैसे अचानक धंस गई जमीन?
यह घटना भिंड के गर्ल्स स्कूल लेन इलाके की है. मकान मालिक पंडित अनुराग मिश्रा के मुताबिक, बुधवार रात करीब 9:15 बजे उनके चचेरे भाई आदित्य मिश्रा की पत्नी निशि मिश्रा कमरे में बिस्तर की चादर बदल रही थीं. तभी अचानक कमरे का फर्श टूट गया और वह बिस्तर समेत नीचे बने गहरे गड्ढे में जा गिरीं.उस वक्त परिवार के दूसरे सदस्य किसी निमंत्रण में शामिल होने गए थे. घर लौटने पर उन्हें हादसे की जानकारी मिली. इसके बाद अनुराग के छोटे भाई अनूप मिश्रा और पड़ोसियों ने गड्ढे में सीढ़ी उतारी और काफी मशक्कत के बाद निशि को बाहर निकाला. उन्हें चोटें आई हैं और अस्पताल में इलाज जारी है.
कब बना था अनाज रखने का तहखाना?
इस हादसे के पीछे मकान के नीचे मौजूद एक पुरानी संरचना को वजह माना जा रहा है. अनुराग मिश्रा के मुताबिक, उनके परदादा पंडित मदन मोहन मिश्रा सिंधिया रियासत के समय मानद मजिस्ट्रेट थे. वह वंखंडेश्वर महादेव मंदिर में पुजारी और माफीदार भी थे. उस दौर में आसपास के इलाकों से कर के रूप में मिलने वाला अनाज इसी मकान में बने भूमिगत भंडार में रखा जाता था. इसी घर में अदालत भी लगती थी.
कब बंद हुआ था तहखाना?
अनुराग के मुताबिक, उनके पिता और चाचा ने 1980 में पुराने मकान की मरम्मत कराई थी. इसी दौरान जमीन के नीचे बने अनाज भंडार को बंद कर दिया गया. समय के साथ मकान में कई बदलाव भी हुए.परिवार का अनुमान है कि जमीन के भीतर लगातार पानी का रिसाव होने से तहखाने की मिट्टी धीरे-धीरे बहती गई. इससे फर्श के नीचे खाली जगह बन गई. माना जा रहा है कि ऊपर की मिट्टी का दबाव बढ़ने से बुधवार रात अचानक फर्श टूटकर नीचे गिर गया. हादसे के बाद गड्ढे के तल में पानी भी जमा मिला. फिलहाल इस घटना ने पुराने मकानों की मजबूती और उनकी नींव की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है.




