नोएडा एयरपोर्ट तक सफर होगा और आसान! फलैदा इंटरचेंज से जुड़ेगी 120 मीटर चौड़ी सड़क
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए यमुना प्राधिकरण ने एक और बड़ी सड़क परियोजना पर काम तेज कर दिया है. 120 मीटर चौड़ी इस सड़क को अब एयरपोर्ट के पास स्थित फलैदा इंटरचेंज से जोड़ा जाएगा.
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए यमुना प्राधिकरण ने एक और बड़ी सड़क परियोजना पर काम तेज कर दिया है. 120 मीटर चौड़ी इस सड़क को अब एयरपोर्ट के पास स्थित फलैदा इंटरचेंज से जोड़ा जाएगा. प्राधिकरण ने इसके लिए जमीन खरीद की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
यह सड़क फिलहाल सलारपुर अंडरपास से सेक्टर-22ई तक करीब 8 किलोमीटर तक तैयार हो चुकी है, जबकि लगभग 2 किलोमीटर हिस्से पर निर्माण कार्य चल रहा है. अब इसे करीब 5 किलोमीटर और आगे बढ़ाकर एयरपोर्ट इंटरचेंज तक ले जाया जाएगा.
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क्या है यमुना प्राधिकरण का प्लान?
यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, एक्सप्रेसवे के दाहिनी ओर विकसित की जा रही 15.10 किलोमीटर लंबी सड़क भविष्य में कई प्रमुख सेक्टरों की मुख्य लिंक रोड बनेगी. इसके लिए तकीपुर बांगर समेत आसपास के गांवों में किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जा रही है. सड़क तैयार होने के बाद सेक्टर-24, 24ए, 25, 22ए, 22बी, 22सी, 22डी, 22ई, 22एफ, 23ए, 23बी, 23सी, 23डी और 23ई समेत कई सेक्टर आपस में सीधे जुड़ जाएंगे.
इन इलाकों में आवासीय, संस्थागत और मिक्स लैंड यूज परियोजनाएं डेवलप की जा रही हैं. ये रोड सलारपुर से शुरू होकर फलैदा कट तक जाएगा. इसी स्थान के पास यमुना एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने वाला इंटरचेंज भी मौजूद है. ऐसे में एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले यात्रियों को तेज और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी.
क्या बोले यमुना ऑथोरिटी के CEO?
यमुना ऑथोरिटी के सीईओ के मुताबिक, भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस सड़क को आगे चलकर 130 मीटर चौड़ी प्रस्तावित सड़क और पलवल-खुर्जा मार्ग से भी जोड़ा जाएगा. इससे पूरे क्षेत्र में सर्कुलर रोड नेटवर्क तैयार होगा और शहर के अधिकांश सेक्टर बेहतर तरीके से कनेक्ट हो जाएंगे.
इस परियोजना से औद्योगिक गतिविधियों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. सेक्टर-24 में पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क विकसित किया जा रहा है, जबकि सड़क के किनारे अन्य फूड प्रोसेसिंग पार्क भी प्रस्तावित हैं. सड़क बनने के बाद उत्पादों को एयरपोर्ट तक पहुंचाने में आसानी होगी.
वहीं सेक्टर-22 क्षेत्र को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है. यहां जीबीएम विश्वविद्यालय का निर्माण जारी है और सेक्टर-22डी में कई आवासीय परियोजनाएं भी विकसित हो रही हैं. नई सड़क बनने से इन इलाकों की कनेक्टिविटी पहले से ज्यादा मजबूत होगी.




