UP के महोबा जिले का चुंबन कांड! कपल ने इमरजेंसी वार्ड को बनाया 'रोमांस स्पॉट', CCTV फुटेज सामने आने के बाद जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश के महोबा जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक युवक और उससे मिलने पहुंची युवती का कथित तौर पर गले मिलने और किस करने का CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
उत्तर प्रदेश के महोबा जिला अस्पताल से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है. अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती एक युवक और उससे मिलने पहुंची युवती का कथित तौर पर गले मिलने और किस करने का वीडियो वायरल हो गया है. दावा किया जा रहा है कि यह पूरी घटना वार्ड में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुई, जिसके बाद मामला प्रशासन तक पहुंच गया. वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन और पुलिस दोनों ने जांच शुरू कर दी है.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, महोबा के जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में नवल किशोर नाम का एक युवक इलाज के लिए भर्ती था. बताया जा रहा है कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके बाद उसे अस्पताल लाया गया. इसी दौरान उससे मिलने एक युवती अस्पताल पहुंची. वायरल वीडियो में दोनों अस्पताल के बेड पर एक-दूसरे से गले मिलते और किस करते दिखाई दे रहे हैं. यह पूरी घटना कथित तौर पर इमरजेंसी वार्ड में लगे CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई. बाद में यही फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगी.
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप
वीडियो के वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया. सवाल उठने लगे कि इमरजेंसी जैसे संवेदनशील वार्ड में इस तरह की घटना कैसे हुई और ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने इसे क्यों नहीं रोका. इसके अलावा यह भी जांच का विषय बन गया है कि अस्पताल के CCTV की रिकॉर्डिंग आखिर सोशल मीडिया तक कैसे पहुंची.
पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने शुरू की जांच
मामले का संज्ञान लेते हुए महोबा पुलिस ने संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं. वहीं अस्पताल प्रशासन ने भी आंतरिक जांच शुरू कर दी है. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि घटना के समय ड्यूटी पर कौन-कौन कर्मचारी मौजूद थे, विजिटर एंट्री और निगरानी व्यवस्था में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई, और CCTV फुटेज सार्वजनिक होने के पीछे किसकी भूमिका रही.
क्या होगी कार्रवाई?
अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि वायरल वीडियो की सत्यता और परिस्थितियां पुष्टि होती हैं, तो नियमों के अनुसार संबंधित लोगों और जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी. इस घटना के बाद जिला अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और विजिटर मैनेजमेंट पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. इमरजेंसी वार्ड को सबसे संवेदनशील स्थानों में माना जाता है, जहां गंभीर मरीजों का इलाज चलता है. ऐसे में सार्वजनिक स्थान पर हुई इस घटना और CCTV फुटेज के लीक होने ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.




