नागपंचमी के दिन गजब की अंधभक्ति! बुजुर्ग खाने लगा चारा तो ग्रामीण बोले- महिषासुर की आत्मा' घुस गई, 1975 से चली आ रही ये परंपरा
उत्तर प्रदेश के महराजगंज से एक हैरान कर देने वाला दावा किया जा रहा है जहां पर बताया जा रहा है कि नागपंचमी पर 70 साल के बुधराम के शरीर में अजीब सी आत्मा घुस आई और वह पशुओं का चारा खाने लगे. लोगों ने इसे 1975 से नागपंचमी पर चली आ रही परंपरा बताया है. हालांकि इस खबर की पुष्टि स्टेट मिरर हिंदी नहीं करता हैं.
उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के बृजमनगंज क्षेत्र से नागपंचमी पर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां 70 वर्षीय बुधराम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पशुओं का चारा खाते नजर आ रहे हैं. ग्रामीणों का दावा है कि नागपंचमी के दिन उनके शरीर में ‘महिषासुर की आत्मा’ प्रवेश करती है और इसी वजह से वह इस तरह का व्यवहार करते हैं.
बताया जा रहा है कि गांव में यह परंपरा साल 1975 से चली आ रही है. ग्रामीणों के मुताबिक, हर तीन साल में नागपंचमी के अवसर पर किसी व्यक्ति में महिषासुर की आत्मा आने की मान्यता है. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. वायरल वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं. कुछ लोग इसे वर्षों पुरानी स्थानीय परंपरा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अंधविश्वास मान रहे हैं. वहीं, कुछ यूजर्स का कहना है कि इसके पीछे किसी तरह की बीमारी या स्वास्थ्य संबंधी वजह हो सकती है.
महिषासुर की आत्मा घुस गई है: ग्रामीण
वायरल वीडियो में बुधराम पशुओं को चारा खिलाने वाली जगह पर सिर हिलाते और चारा खाते दिखाई दे रहे हैं. ग्रामीण इसे महिषासुर की आत्मा से जोड़कर देख रहे हैं. वीडियो में दिखाई दे रही घटना को लेकर फिलहाल किसी आधिकारिक संस्था या चिकित्सकीय विशेषज्ञ की पुष्टि सामने नहीं आई है. ऐसे में इसे किसी बीमारी या धार्मिक घटना के तौर पर निश्चित रूप से बताना उचित नहीं होगा. सोशल मीडिया पर वायरल दावों और स्थानीय मान्यता के बीच वास्तविक स्थिति क्या है, यह आधिकारिक पुष्टि के बाद ही साफ हो सकेगी.
वायरल वीडियो को लेकर क्या बोले यूजर्स?
@Priyank22916194 नाम के एक यूजर ने लिखा कि, ये परंपरा है या अंधविश्वास, जिस पर लोग कुछ भी मानकर कभी आस्था बता रहे हैं, तो कभी आत्मा. @yogendra15295 नाम के एक यूजर ने लिखा कि, ये बीमारी केवल गरीबों को आता है. @Rambabunishad7 नाम के एक यूजर ने लिखा कि ये मानसिक रोग है, डॉक्टरों की एक टीम बना कर इस तरह के पाखंडों और मिथक का नाश करना चाहिए, अन्यथा देश पहली सदी में पहुंच जाएगा..... ईरान से कुछ सीखो. Kumail Rizvi नाम के एक यूजर ने लिखा कि क्या-क्या देखने को मिलेगा? इस तरह के सोशल मीडिया पर खूब बवाल मचा हुआ है.




