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श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में मिली जीत से भारत की दूर हो गई सबसे बड़ी टेंशन? जानिए किन चीजों से खुश होगी टीम इंडिया

गाले टेस्ट में श्रीलंका पर 165 रन की जीत ने सिर्फ भारत को WTC के अहम 12 अंक नहीं दिलाए, बल्कि गौतम गंभीर की टेस्ट रणनीति को भी राहत दी है. चोटों और बदलावों के बीच भारत को नंबर-3 पर देवदत्त पडिक्कल, स्पिन में मानव सुथार और तेज गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा के रूप में नई उम्मीदें मिली हैं.

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मानव सुथार, देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल

( Image Source:  BCCI )

Sri Lanka vs India Galle Test Key Points: गाले टेस्ट में श्रीलंका के खिलाफ मिली 165 रन की जीत के बाद भारतीय टीम के ड्रेसिंग रूम में माहौल काफी अलग था, भारत ने दो मैचों की टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल करने के साथ WTC के 12 बेहद अहम अंक अपने नाम किए... लेकिन इस जीत की अहमियत सिर्फ स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं है. इस मैच ने टीम इंडिया को कुछ ऐसे संकेत भी दिए हैं, जो आने वाले वर्षों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं.

मैच खत्म होने के बाद भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर के चेहरे पर नजर आई मुस्कान भी बहुत कुछ कह रही थी. महिंदा राजपक्षे पवेलियन से सीढ़ियां उतरते हुए गंभीर के हाथ में मैच की चमकती हुई कूकाबुरा गेंद थी. वह श्रीलंकाई टीम के खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ से हाथ मिलाने पहुंचे. दूसरी तरफ श्रीलंका के कोच और भारत के पूर्व मुख्य कोच गैरी कर्स्टन भी मौजूद थे.

दिलचस्प बात यह है कि गंभीर और कर्स्टन की यह मुलाकात सिर्फ औपचारिक नहीं थी. दोनों को टेस्ट क्रिकेट में अपनी-अपनी टीमों को नई दिशा देने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है. दोनों ने कोचिंग और टेस्ट क्रिकेट को लेकर बातचीत भी की.

गंभीर के लिए गाले की जीत क्यों है खास?

  • गौतम गंभीर के लिए भारतीय टेस्ट टीम की जिम्मेदारी आसान नहीं रही है. न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू सीरीज में मिली हार और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद उनकी रणनीति पर सवाल उठते रहे हैं.
  • भारत पिछली WTC cycle का फाइनल भी नहीं खेल पाया था. ऐसे में मौजूदा WTC चक्र में हर टेस्ट जीत की कीमत बढ़ जाती है.
  • गाले की जीत ने कम से कम इतना जरूर किया है कि टीम को आगे बढ़ने के लिए जरूरी आत्मविश्वास मिल गया है.
  • इस मैच की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि भारत ने कई प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी के बावजूद मुकाबले पर अपनी पकड़ बनाए रखी.
  • जसप्रीत बुमराह टीम में नहीं थे, लेकिन उनकी कमी महसूस नहीं हुई. नितीश कुमार रेड्डी और वाशिंगटन सुंदर जैसे ऑलराउंडर भी उपलब्ध नहीं थे.
  • नियमित नंबर-3 साई सुदर्शन भी फिट नहीं हो पाए, लेकिन इन मुश्किलों के बीच टीम को ऐसे खिलाड़ी मिले जिन्होंने मौके को हाथ से जाने नहीं दिया.

पडिक्कल ने नंबर-3 की समस्या का दिया जवाब

  • गाले टेस्ट का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू देवदत्त पडिक्कल का प्रदर्शन रहा. वापसी के बाद उन्होंने दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी की और पहली पारी में 167 रन की बेहतरीन पारी खेली.
  • नंबर-3 भारतीय टेस्ट टीम के लिए लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है. ऐसे में पडिक्कल का प्रदर्शन इस स्थान के लिए एक मजबूत विकल्प की उम्मीद जगाता है.
  • उन्होंने सिर्फ शतक नहीं लगाया, बल्कि बड़ी पारी को बड़े स्कोर में बदला. यही बात कप्तान शुभमन गिल को भी सबसे ज्यादा प्रभावित करती दिखी.
  • गिल ने कहा कि शतक बनाना महत्वपूर्ण है, लेकिन शतक के बाद भी बल्लेबाज का पारी को आगे ले जाना टीम को दबाव वाली स्थिति से आरामदायक स्थिति में पहुंचाता है.
  • पडिक्कल ने श्रीलंका क्रिकेट इलेवन के खिलाफ अभ्यास मैच में भी शानदार शतक जड़कर दिखा दिया था कि वे नंबर-3 के लिए सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं.

मानव सुथार ने दिखाया भविष्य का रास्ता

अगर पडिक्कल बल्लेबाजी में चमके, तो मानव सुथार ने गेंद से अपनी छाप छोड़ दी. सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. खास बात यह रही कि वह टीम के तीन बाएं हाथ के स्पिनरों में सबसे युवा होने के बावजूद प्रभावी नजर आए. उनका प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय टेस्ट क्रिकेट में रवींद्र जडेजा के बाद स्पिन विभाग में भविष्य की तलाश लगातार जारी है.

सिर्फ 24 साल की उम्र में विदेशी टेस्ट में 10 विकेट लेने वाले सुथार ने संकेत दे दिया है कि वह लंबे समय तक भारतीय टीम के विकल्पों में बने रह सकते हैं. शुभमन गिल ने भी सुथार की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए उन्हें भविष्य के लिए बेहद promising खिलाड़ी बताया.

प्रसिद्ध कृष्णा भी बढ़ा रहे हैं भरोसा

तेज गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा का प्रदर्शन भी टीम के लिए बड़ी राहत है. भारत के पास बुमराह जैसे विश्वस्तरीय गेंदबाज की कमी थी, लेकिन प्रसिद्ध ने अपनी गेंदबाजी से उस खालीपन को काफी हद तक भरने की कोशिश की. वह लगातार कप्तान शुभमन गिल के भरोसे पर खरे उतरते दिखाई दे रहे हैं. तेज गेंदबाजी में युवा विकल्पों की मौजूदगी के बीच प्रसिद्ध का अनुभव और प्रदर्शन उन्हें टीम के लिए महत्वपूर्ण बना रहा है.

ध्रुव जुरेल ने भी मौका भुनाया

विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल के लिए भी यह टेस्ट अहम रहा. घरेलू और 'ए' क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद अब उन्हें टेस्ट स्तर पर भी अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिला. गाले में उनकी उपयोगी पारी ने टीम के मध्यक्रम को मजबूती दी. यानी एक ही टेस्ट में भारत को बल्लेबाजी, स्पिन और तेज गेंदबाजी, तीनों विभागों में सकारात्मक संकेत मिले.

राहुल बोले- ज्यादातर बॉक्स टिक किए

टीम के उपकप्तान केएल राहुल ने भी जीत के बाद टीम के प्रदर्शन को लेकर संतोष जताया. उन्होंने कहा कि हर टेस्ट जीत खास होती है और टीम ने ज्यादातर चीजें सही कीं. उनके मुताबिक यह जीत आने वाले मुकाबलों के लिए टीम को खुशी और आत्मविश्वास देगी. भारत अब 23 अगस्त से कोलंबो में दूसरा टेस्ट खेलेगा। पहले टेस्ट में मिली जीत के बाद टीम के पास सीरीज अपने नाम करने का मौका होगा.

गंभीर-कर्स्टन की मुलाकात भी रही चर्चा में

गाले टेस्ट के दौरान गौतम गंभीर और गैरी कर्स्टन की मुलाकात ने भी लोगों का ध्यान खींचा. दोनों ने भारत के लिए अलग-अलग समय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. कर्स्टन की कोचिंग में भारत ने 2011 वनडे वर्ल्ड कप जीता था, जबकि अब गंभीर भारतीय टीम के मुख्य कोच हैं. कर्स्टन ने बताया कि दोनों के बीच पुरानी यादों को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं हुई. चर्चा मुख्य रूप से कोचिंग और टेस्ट क्रिकेट की चुनौतियों पर रही. उनके मुताबिक दोनों के टेस्ट क्रिकेट को लेकर मजबूत विचार हैं और दोनों चाहते हैं कि उनकी टीमें बेहतर टेस्ट क्रिकेट खेलें. यह मुलाकात इसलिए भी दिलचस्प थी क्योंकि दोनों अब एक-दूसरे के खिलाफ रणनीति बना रहे हैं.

क्या यह टीम WTC फाइनल तक पहुंचेगी?

गाले की जीत ने भारत के लिए रास्ता जरूर आसान किया है, लेकिन मंजिल अभी दूर है. टीम में बदलाव का दौर लगभग खत्म होता दिखाई दे रहा है. कई वरिष्ठ खिलाड़ियों के संन्यास और चोटों के बाद भारतीय टेस्ट क्रिकेट एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है. इस समय सबसे जरूरी बात यह है कि टीम को ऐसे खिलाड़ी मिल रहे हैं जो लंबे समय तक जिम्मेदारी संभाल सकते हैं. पडिक्कल ने नंबर-3 की चिंता कम की है. सुथार ने स्पिन विभाग में भविष्य की उम्मीद जगाई है. प्रसिद्ध कृष्णा तेज गेंदबाजी में मजबूत विकल्प बन रहे हैं और ध्रुव जुरेल ने भी अपनी दावेदारी पेश की है.

हालांकि बुमराह, साई सुदर्शन और दूसरे प्रमुख खिलाड़ियों की वापसी के बाद टीम का संयोजन और भी मजबूत हो सकता है. इसलिए गाले की जीत को सिर्फ एक टेस्ट मैच की जीत के तौर पर देखना सही नहीं होगा. यह उस भारतीय टेस्ट टीम की झलक भी है, जिसे आने वाले कई वर्षों तक मैदान पर देखा जा सकता है. अब नजर कोलंबो पर है- जहां 23 अगस्त से दूसरा टेस्ट भारत की इस नई तस्वीर को और साफ करेगा.

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