Padikkal की सेंचुरी, Suthar के 10 विकेट; भारत ने ऐतिहासिक 600वें टेस्ट में श्रीलंका को हराया; क्या WTC Final में पहुंच पाएगा?
भारत ने गाले टेस्ट में श्रीलंका को हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. अपने 600वें टेस्ट में मिली इस जीत से भारत को WTC में 12 अहम अंक भी मिले.
मानव सुथार और देवदत्त पडिक्कल बने टीम इंडिया की जीत के हीरो
SL vs IND First Test Match Highlights: भारत के लिए गाले टेस्ट सिर्फ एक और टेस्ट मैच नहीं था. यह टीम इंडिया का 600वां टेस्ट था और इस खास मुकाबले को जीत के साथ यादगार बनाने में भारतीय खिलाड़ियों ने कोई कसर नहीं छोड़ी. बारिश की आशंकाओं और पांच दिन तक चले उतार-चढ़ाव के बीच भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर दो मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली. साथ ही वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में 12 महत्वपूर्ण अंक भी अपने खाते में जोड़ लिए.
इस जीत में दो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहे- देवदत्त पडिक्कल और मानव सुथार. पडिक्कल ने वापसी वाले टेस्ट में बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया, जबकि 24 साल के सुथार ने दोनों पारियों में मिलाकर 10 विकेट लेकर अपने टेस्ट करियर का पहला 10 विकेट वाला मैच पूरा किया.
पडिक्कल ने वापसी को बनाया खास
भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. शुरुआत में परिस्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया. सबसे ज्यादा चर्चा देवदत्त पडिक्कल की 167 रन की पारी की रही. लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी कर रहे पडिक्कल ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उसने टीम मैनेजमेंट को भी राहत दी. उन्होंने शुरुआत में धैर्य दिखाया और फिर पारी को बड़े स्कोर में बदल दिया. उनके अलावा केएल राहुल और ध्रुव जुरेल ने भी अर्धशतक लगाए, जिसकी बदौलत भारत ने पहली पारी में 462 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया.
पडिक्कल की खासियत सिर्फ उनका शतक बनाना नहीं था. उन्होंने शतक पूरा करने के बाद भी अपना आक्रामक अंदाज जारी रखा और 167 रन तक पहुंचे. कप्तान शुभमन गिल ने भी उनकी पारी की तारीफ करते हुए कहा कि शतक के बाद बड़ी पारी खेलना ही उन्हें मुकाबले में बढ़त से आरामदायक स्थिति तक ले गया.
श्रीलंका की शुरुआत खराब, फिर दिनुशा ने संभाली पारी
462 रन के जवाब में श्रीलंका की शुरुआत बेहद खराब रही. भारतीय गेंदबाजों ने मेजबान टीम के शुरुआती बल्लेबाजों को दबाव में रखा और एक समय श्रीलंका का स्कोर 90/5 हो गया था. ऐसा लग रहा था कि भारत श्रीलंका को फॉलोऑन के लिए मजबूर कर देगा, लेकिन यहां सोनल दिनुशा और डिकवेला ने मोर्चा संभाला. दोनों ने 146 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की और श्रीलंका को फॉलोऑन से बचा लिया.
सोनल दिनुशा ने दोनों पारियों में शानदार बल्लेबाजी की. पहली पारी में उन्होंने शतक जमाया, जबकि दूसरी पारी में भी उन्होंने 80 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली. स्पिन के खिलाफ स्वीप शॉट उनका सबसे बड़ा हथियार रहा.
गाले में स्वीप बना बल्लेबाजों का बड़ा हथियार
इस टेस्ट की एक दिलचस्प कहानी गाले की पिच और स्पिन के खिलाफ स्वीप शॉट भी रही. 2007 के बाद गाले में खेले गए टेस्ट मैचों में स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजों ने करीब 6.8 फीसदी गेंदों पर स्वीप शॉट खेलने की कोशिश की है. यह उन मैदानों में सबसे ज्यादा प्रतिशत है, जहां इस अवधि में कम से कम 10 टेस्ट खेले गए हैं. सोनल दिनुशा ने भी इसी रणनीति का इस्तेमाल करते हुए स्पिनरों पर दबाव बनाने की कोशिश की. उन्होंने दोनों पारियों में अपने स्वीप और पैरों के इस्तेमाल से भारतीय गेंदबाजों को चुनौती दी.
भारत ने दूसरी पारी में बनाई 370 रन से ज्यादा की बढ़त
श्रीलंका के पहली पारी में संघर्ष के बाद भारत ने दूसरी पारी में तेजी से रन बनाने की कोशिश की. टीम का लक्ष्य इतना बड़ा स्कोर खड़ा करना था कि श्रीलंका को चौथी पारी में बेहद मुश्किल लक्ष्य मिले और भारत को जीत के लिए पर्याप्त समय भी मिल सके. हालांकि, भारत के बल्लेबाज दूसरी पारी में ज्यादा बड़ा स्कोर नहीं बना सके और विकेट जल्दी-जल्दी गिरते रहे, लेकिन ऋषभ पंत की तेज 66 रन की पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया. भारत ने श्रीलंका के सामने 370 से ज्यादा का लक्ष्य रखा.
चौथी पारी में श्रीलंका ने दिखाई जुझारू क्षमता
बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की शुरुआत फिर खराब रही. उसके शुरुआती चार बल्लेबाज सस्ते में आउट हो गए... लेकिन धनंजया डी सिल्वा और सोनल दिनुशा ने हार नहीं मानी. दोनों ने मिलकर 95 रन की साझेदारी की और लगभग 202 गेंदों तक भारतीय गेंदबाजों को विकेट के लिए तरसाया. भारत को इस साझेदारी को तोड़ने के लिए काफी धैर्य दिखाना पड़ा.
आखिरकार रवींद्र जडेजा ने धनंजया डी सिल्वा को आउट करके भारत को बड़ी सफलता दिलाई. इसके बाद डिकवेला ज्यादा देर नहीं टिके, लेकिन श्रीलंका ने एक बार फिर भारत को परेशान किया. सोनल दिनुशा और केशारा नुवांथा ने कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया.
फिर आया मानव सुथार का जादुई स्पेल... 10 गेंदों में 4 विकेट और श्रीलंका की पारी खत्म.. सोनल दिनुशा एक बार फिर शतक की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे थे, लेकिन उनका विकेट गिरते ही श्रीलंका का प्रतिरोध टूट गया. इसके बाद मानव सुथार ने महज 10 गेंदों के भीतर तीन विकेट चटकाकर श्रीलंकाई पारी को पूरी तरह तहस-नहस कर दिया. उन्होंने आखिरकार मैच में 10 विकेट पूरे किए और भारत की जीत पर मुहर लगा दी. इस तरह सुथार ने अपने टेस्ट करियर का पहला 10 विकेट वाला मैच पूरा किया.
भारत के लिए सुथार ने रचा खास रिकॉर्ड
मानव सुथार भारत की ओर से विदेशी जमीन पर टेस्ट मैच में 10 विकेट लेने वाले चुनिंदा स्पिनरों की सूची में शामिल हो गए हैं. भारत के लिए इससे पहले रविचंद्रन अश्विन, बिशन सिंह बेदी, ईरापल्ली प्रसन्ना, भागवत चंद्रशेखर, अनिल कुंबले और हरभजन सिंह विदेशी टेस्ट में 10 विकेट का कारनामा कर चुके हैं. सुथार की उम्र उस समय सिर्फ 24 साल 16 दिन थी. वह इस उपलब्धि को 28 साल की उम्र से पहले हासिल करने वाले इस सूची के खास भारतीय स्पिनर बन गए.
पहले दो टेस्ट में 2 बार चटकाए 5 विकेट
सुथार का प्रदर्शन इसलिए भी खास है क्योंकि वह भारत के लिए अपने शुरुआती दो टेस्ट में ही 2 बार 5 विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में शामिल हो गए हैं. इस सूची में नरेंद्र हिरवानी ( 3 बार), अक्षर पटेल (3 विकेट) और लक्ष्मण शिवरामकृष्णन और मोहम्मद निसार (2-2 विकेट) जैसे नाम पहले से मौजूद हैं. सुथार ने अपने प्रदर्शन से दिखा दिया कि वह आने वाले समय में भारतीय टेस्ट टीम के लिए उपयोगी विकल्प बन सकते हैं.
600 टेस्ट का सफर भी हुआ यादगार
- भारत ने इस मुकाबले के साथ टेस्ट क्रिकेट में अपने 600 मैच पूरे किए. भारत के टेस्ट सफर की शुरुआत से लेकर 600वें मैच तक टीम ने 187 टेस्ट जीते, 188 हारे, एक मैच टाई रहा और 244 मुकाबले ड्रॉ रहे.
- दिलचस्प बात यह है कि भारत के शुरुआती 100 टेस्ट में जीत-हार का रिकॉर्ड बेहद कमजोर था, लेकिन जैसे-जैसे टीम मजबूत होती गई, जीत का प्रतिशत भी बढ़ता गया.
- भारत को 100 टेस्ट मैचों तक सिर्फ 10 में जीत मिली थी, जबकि 40 में उसे हार का सामना करना पड़ा. वहीं, 50 मैच ड्रॉ रहे. इसके बाद 101 से लेकर 200 टेस्ट मैचों के दौरान उसे 25 में जीत और 32 में हार मिली, जबकि 43 मुकाबले ड्रॉ रहे.
- अगर 201 से 300 मैचों की बात करें तो भारत ने सिर्फ 21 मुकाबले जीते, जबकि 26 मैचों में उसे हार का सामना करना पड़ा. वहीं. 1 मैच टाई और 52 मैच ड्रॉ रहे.
- अगर 301 से 400 मैचों के सफर तक की बात करें तो भारत को 32 में जीत और 31 में हार मिली, जबकि 37 मैच ड्रॉ रहे. वहीं, 401 से 500 टेस्ट मैचों के दौरान भारत को 42 में जीत, जबकि 28 में हार का सामना करना पड़ा. वहीं, 30 मैच ड्रॉ रहे.
- 501 से 600 के बीच भारत ने 57 टेस्ट जीते, 31 हारे और 2 मैच ड्रॉ रहे. इस दौरान भारत का जीत-हार अनुपात 1.838 रहा, जो उसके टेस्ट सफर के सबसे मजबूत दौर को दिखाता है.
भारत के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बातें क्या रहीं?
गाले टेस्ट के बाद टीम इंडिया के पास कई सकारात्मक बातें हैं. सबसे पहली है देवदत्त पडिक्कल की वापसी. दूसरी बड़ी खबर मानव सुथार का शानदार प्रदर्शन है. सुथार ने भारत के तीन बाएं हाथ के स्पिन विकल्पों में सबसे ज्यादा प्रभाव छोड़ा. वहीं पडिक्कल ने दोनों पारियों में भरोसेमंद बल्लेबाजी करके टीम को मजबूती दी. कप्तान शुभमन गिल ने भी सुथार की गेंदबाजी की तारीफ करते हुए उन्हें लंबे समय तक भारत के लिए खेलने की क्षमता रखने वाला खिलाड़ी बताया.
श्रीलंका के लिए भी कुछ उम्मीदें बचीं
हार के बावजूद श्रीलंका के लिए सोनल दिनुशा और केशारा नुवांथा दो बड़ी सकारात्मक बातें रहीं. दिनुशा ने दोनों पारियों में भारत के मजबूत स्पिन आक्रमण का सामना किया. उन्होंने पहली पारी में शतक और दूसरी पारी में 80 रन बनाकर दिखाया कि वह दबाव में लंबी पारी खेल सकते हैं. केशारा नुवांथा ने भी मुश्किल परिस्थितियों में संघर्ष किया. वहीं ऑफ स्पिनर ने शुरुआती मुश्किलों के बाद अच्छी वापसी की.
भारत के खिलाफ 11 टेस्ट से जीत नहीं पाया श्रीलंका
इस हार के साथ श्रीलंका का भारत के खिलाफ टेस्ट मैचों में खराब रिकॉर्ड और लंबा हो गया है. श्रीलंका अब भारत के खिलाफ लगातार 11 टेस्ट से जीत नहीं पाया है, जिसमें 9 मुकाबलों में उसे हार मिली है. हालांकि गाले टेस्ट में श्रीलंका ने कई मौकों पर भारत को चुनौती दी और मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा.
अब कोलंबो में होगी अगली भिड़ंत
गाले में भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच दूसरा टेस्ट 23 अगस्त से कोलंबो में खेला जाएगा. भारत की नजर अब सीरीज जीतने पर होगी, जबकि श्रीलंका की कोशिश वापसी करके सीरीज बराबर करने की होगी. गाले में जिस तरह पडिक्कल और सुथार ने अपनी छाप छोड़ी है, उससे दूसरे टेस्ट में भी इन दोनों खिलाड़ियों पर खास नजर रहेगी.
WTC Points Table में किस नंबर पर पहुंची टीम इंडिया?
श्रीलंका के खिलाफ मिली 165 रनों की जीत के बावजूद टीम इंडिया WTC Points Table में पांचवें नंबर पर कायम है. उसका पॉइंट्स प्रतिशत 53.33 फीसदी है. वह ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और बांग्लादेश से पीछे है.




