Lucknow: जलने के बाद चिपके शव, किसी ने खोए बच्चे तो किसी की जली उम्रभर की कमाई- रुला देगी पीड़ितों की कहानी
लखनऊ में सैकड़ों झुग्गियां-झोपड़िया जलकर खाक हो गई. इस आग में 2 बच्चियों की जलकर मौत हो गई, इसके अलावा 250 से ज्यादा परिवार एक झटके में बेघर हो गए, जो जैसे-तैसे करके इन झुग्गियों में रह रहे थे.
lucknow fire
लखनऊ में सैकड़ों झुग्गियां-झोपड़िया जलकर खाक हो गई. इस आग में सिर्फ सामान नहीं जला, इसमें जले उन गरीब लोगों के सपने, उम्रभर की कमाई जो किसी ने बर्तन धोकर कमाए तो किसी ने कूड़ा उठाकर. आग तो बूझ गई लेकिन इन लोगों के लिए पीछे छोड़ गई गहरा जख्म, मायूसी, दर्द जो शायद ही कम होगा. जब पीड़ित लोगों ने अपनी आपबीती सुनाई तो हर किसी का दिल भर आया. छोटे-छोटे बच्चे बड़े सपने लेकर इन झुग्गियों में रह रहे थे, जिनकी किताबें, बैग और खिलौने जलकर खाक हो गए. कुछ बचा-खुचा सामान मिल जाए इसी उम्मीद के साथ लोग और बच्चें नम आखों से राख को कुरेदते हुए दिखाई दिए.
मजदूरी करके अपना पेट पाल रहे लोग यहां रह रहे थे लेकिन आग लगने के बाद मची तबाही ने उनको तबाह कर दिया. रिपोर्ट के मुताबिक विकासनगर इलाके में लगी इस आग में 2 बच्चियों की जलकर मौत हो गई, इसके अलावा 250 से ज्यादा परिवार एक झटके में बेघर हो गए, जो जैसे-तैसे करके इन झुग्गियों में रह रहे थे.
क्या बोले पीड़ित लोग?
1. पीड़िता चांदनी ने बताया कि 'आग इतनी भयंकर थी कि 45 बच्चे जल गए, हम लोगों को सुबह के समय उधर जाने नहीं दिया. बच्चों के शव तक चिपके हुए मिले, जिनको मुश्किल से छुड़ाकर अस्पताल ले जाया गया.'
2. गर्भवती महिला नाजमा ने रोते हुए अपने हाथ में डेढ लाख रुपये जले हुए दिखाए. इस दौरान उन्होंने बताया "हमारे डेढ लाख रुपये जल गए, हम कहते रहे कि पैसे निकालने दें, लेकिन किसी ने नहीं सुनी. हमनें घर बनाने के लिए ये पैसे रखे थे. मैं गर्भवती हूं और आने वाले बच्चे के लिए नया घर बनाना चाहते थे."
3. एक महिला ने बताया कि "हम दूसरों के घरों में गंदे बर्तन धोकर अपना घर चला रहे हैं, इस आग में हमारे गहने और 50 हजार रुपये जलकर खाक हो गए."
4. एक युवक ने नम आंखों से बताया कि 'हमारा इस आग में सबकुछ जलकर राख हो गया. पिछले कई सालों से हम यहां रह रहे थे और मजदूरी करके अपना घर चला रहे थे लेकिन अब हमारे पास कुछ नहीं बचा.'
5. दूसरे युवक ने बताया कि 'आग में कुछ नहीं बच सका, हम जो सामान लेकर भाग सकते थे भागे लेकिन बचा नहीं पाए. हमारे 3.50 लाख रुपये जल गए. कुछ दिनों बाद भांजे की शादी है, परिवार में मां-बाप, बच्चे और पत्नी है, काफी समय से सब यहीं रह रहे हैं.'
क्या है पूरा मामला?
लखनऊ के विकासनगर में बुधवार शाम एक भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी. करीब 5:30 बजे लगी इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिसमें 250 से अधिक झोपड़ियां जलकर राख हो गईं. आग इतनी भयानक थी कि 30 से ज्यादा सिलेंडरों में विस्फोट हुआ और धुएं का गुबार लगभग 10 किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा. सुरक्षा के मद्देनज़र आसपास के करीब 20 मकानों को खाली कराया गया. फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.
कितना मिलेगा मुआवजा?
घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की गई है. प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी. बेघर हुए लोगों को कम्यूनिटी सेंटर और रैन बसेरों में शिफ्ट किया गया है, जहां उनके खाने-पीने की व्यवस्था की गई है.




