Video : 'सपा, बसपा और कांग्रेस धोखा है', केशव प्रसाद मौर्य का दावा, यूजर्स बोले - इसका जवाब 2027 में मिलेगा
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा, बसपा और कांग्रेस को लेकर बड़ा दावा किया. बयान का वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी मौर्य पर पलटवार किया है. यूजर्स का कहना है कि 2027 में सब साफ हो जाएगा.
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाज़ी तेज हो गई है. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस को लेकर तीखा हमला करते नजर आ रहे हैं. मौर्य ने दावा किया कि 'सपा, बसपा और कांग्रेस धोखा हैं', और जनता को इन दलों से सतर्क रहने की जरूरत है. हालांकि, वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई और कई यूजर्स ने तंज कसते हुए लिखा है 2027 में पता चल जाएगा.
वीडियो में केशव प्रसाद मौर्य ने क्या कहा?
वायरल वीडियो में केशव प्रसाद मौर्य विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए कहते हैं कि सिर्फ मोदी पर भरोसा है. सपा, बसपा और कांग्रेस ने सिर्फ सत्ता के लिए राजनीति की है.उन्होंने लोगों को धोखा दिया है. उनका दावा है कि इन दलों ने जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया और बार-बार लोगों के भरोसे के साथ धोखा किया.
उन्होंने आगे कहा कि इन धोखेबाजों से आपने देश को बचा लिया. आपने सिर्फ कमल का बटन नहीं दबावा, 7 करोड़ गरीबों को पक्का घर बनाकर देने का काम किया. ऐसा कर धोखेबाजों से ही नहीं, देश को भी बचा लिया. मौर्य ने यह भी कहा कि भाजपा ही ऐसी पार्टी है जो विकास, कानून-व्यवस्था और गरीब कल्याण को प्राथमिकता देती है.
क्यों माना जा रहा है यह बयान 2027 की तैयारी?
सियासी जानकारों का कहना है थ्क केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान सिर्फ मौजूदा राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव की जमीन तैयार करने की कोशिश है. विपक्ष को धोखा बताकर भाजपा एक बार फिर भरोसे बनाम विश्वासघात का नैरेटिव गढ़ने में जुटी है. ताकि मतदाताओं को पहले से मानसिक रूप से तैयार किया जा सके.
सोशल मीडिया पर क्यों भड़की बहस?
वीडियो वायरल होने के बाद एक्स (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं. कुछ यूजर्स ने मौर्य के बयान का समर्थन किया है, तो कई ने तंज कसते हुए लिखा, “2027 में जनता बताएगी कि धोखा किसने दिया.” कुछ लोगों ने इसे चुनावी बयानबाजी करार दिया. यानी बयान से ज्यादा चर्चा अब प्रतिक्रियाओं की हो रही है.
विपक्ष पर हमला, उठे सवाल
मौर्य के बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या भाजपा 2027 से पहले विपक्ष को कमजोर दिखाने की रणनीति पर काम कर रही है? क्या यह बयान सहयोगी दलों और वोट बैंक को एकजुट करने का प्रयास है? विपक्षी खेमे से फिलहाल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सियासी माहौल गर्म हो चुका है.
2027 का चुनावी संकेत क्या कहता है?
उत्तर प्रदेश में 2027 का चुनाव अभी दूर है, लेकिन इस तरह के बयान यह संकेत दे रहे हैं कि राजनीतिक दलों ने अभी से मोर्चेबंदी शुरू कर दी है. भाजपा की रणनीति साफ दिखती है. विकास बनाम धोखा, स्थिरता बनाम अस्थिरता का नैरेटिव.
दरअसल, केशव प्रसाद मौर्य का यह बयान महज एक वीडियो नहीं, बल्कि आने वाले सियासी संग्राम की झलक है. अब देखना यह होगा कि जनता इस दावे को कितनी गंभीरता से लेती है, या फिर सोशल मीडिया यूजर्स की बात सही साबित होती है, जिसका जवाब 2027 में मिलेगा.





