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यूपी रिटायर्ड अफसर केशव लाल मामले में मिली 100 करोड़ की संपत्ति, बाथरूम से लेकर बिस्तर तक; हर कोने में छुपाया था पैसा

यूपी विजिलेंस ने रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक 100 करोड़ की संपत्ति का केस दर्ज किया है. जांच में सामने आया कि उनकी वैध आय बेहद कम थी, जबकि खर्च और निवेश कई गुना ज्यादा.

रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल पर भ्रष्टाचार केस दर्ज
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रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल पर भ्रष्टाचार केस दर्ज
( Image Source:  AI Sora )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Published on: 9 April 2026 12:40 PM

उत्तर प्रदेश के विजिलेंस विभाग की कानपुर यूनिट ने वाणिज्य कर विभाग के एक रिटायर्ड एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने अपनी नौकरी के दौरान जितनी आय दिखाई थी, उससे कहीं ज्यादा संपत्ति बना ली थी. उनकी कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा बताई जा रही है, जबकि उनकी सही आय बहुत कम थी.

यह पूरा मामला साल 2017 में शुरू हुआ था. उस समय आयकर विभाग की टीम ने नोएडा के सेक्टर-34 में केशव लाल के घर पर छापा मारा था. इस छापेमारी में अधिकारियों को हैरान करने वाली बड़ी रकम मिली. घर से लगभग 10 करोड़ रुपये की नकदी और करीब 3 करोड़ रुपये की सोने की ज्वेलरी बरामद हुई थी. सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि नोटों की गड्डियां पूरे घर में अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखी गई थीं. पुलिस और आयकर टीम को नकदी पूजा घर में, अलमारियों में, बिस्तर के गद्दों के अंदर, और यहां तक कि बाथरूम के फ्लश टैंक में भी मिली. इतनी बड़ी रकम छिपाने का तरीका देखकर सभी हैरान रह गए.

कहां से आया इतना पैसा?

जब आयकर अधिकारियों ने केशव लाल से इस पैसे के बारे में पूछा कि यह पैसा कहां से आया है, तो वे कोई ठोस और संतोषजनक जवाब नहीं दे सके. इस वजह से मामला और भी गंभीर हो गया. इस घटना के बाद लंबे समय तक जांच चलती रही. आखिरकार अगस्त 2023 से विजिलेंस विभाग ने इस मामले की गहन जांच शुरू की. जांच में सामने आया कि केशव लाल की कुल संपत्ति 100 करोड़ रुपये से ज्यादा है. उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई शहरों में बहुत बड़ी-बड़ी प्रॉपर्टी में पैसा लगाया था. उनके पास लखनऊ में दो शानदार और महंगे मकान हैं. इसके अलावा कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में भी कई महंगे प्लॉट और घर उनके नाम या बेनामी नाम पर हैं.

भ्रष्टाचार की कमाई से बनाई प्रॉपर्टी

जांच एजेंसियों का कहना है कि ये सारी संपत्तियां भ्रष्टाचार से कमाए गए पैसे से खरीदी गई हैं. सबसे जरुरी बात यह है कि जांच में पता चला कि केशव लाल की पूरी नौकरी के दौरान उनकी कुल वैध (कानूनी) आय सिर्फ लगभग 1.34 करोड़ रुपये थी. लेकिन उन्होंने अपने परिवार के खर्च और विभिन्न जगहों पर निवेश मिलाकर कुल 18.27 करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च किया यानी उन्होंने अपनी आय से करीब 17.26 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च कर दिए.

सैलरी से कई ज्यादा कमाया पैसा

यह बहुत बड़ा फर्क है, जो साफ-साफ दिखाता है कि उन्होंने अपनी सैलरी से कहीं ज्यादा पैसा कहां से लाया. इसी वजह से सरकार ने उन्हें साल 2017 में ही जबरन रिटायर कर दिया था. अब लंबी जांच के बाद पर्याप्त सबूत मिलने पर विजिलेंस विभाग ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केशव लाल के खिलाफ आधिकारिक रूप से एफआईआर दर्ज कर दी है. अब उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है. यह मामला उन अधिकारियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपनी पद का दुरुपयोग करके अनुचित तरीके से पैसा कमाते हैं.

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