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कानपुर में 6 लोगों को कुचलने वाले Lamborghini के ड्राइवर को दुनिया ने देखा, कानपुर पुलिस को क्‍यों लग गए 20 घंटे से ज्‍यादा?

उत्तर प्रदेश के कानपुर में Lamborghini एक्सीडेंटम मामले में पुलिस ने बिजनेसमैन के बेटे शिवम मिश्रा का नाम एफआईआर में शामिल कर लिया है. ये काम हादसे के करीब 20 घंटे बाद किया गया है.

कानपुर में 6 लोगों को कुचलने वाले Lamborghini के ड्राइवर को दुनिया ने देखा, कानपुर पुलिस को क्‍यों लग गए 20 घंटे से ज्‍यादा?
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( Image Source:  X-@ANI )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Updated on: 9 Feb 2026 2:49 PM IST

Kanpur Lamborghini Accident: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुई लैंबॉर्गिनी कार दुर्घटना मामले में अब बड़ा अपडेट सामने आया है. तेज रफ्तार लग्ज़री कार की चपेट में आकर छह लोगों के घायल होने के एक दिन बाद पुलिस ने कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा का नाम FIR में जोड़ दिया है. इससे पहले FIR एक "अज्ञात व्यक्ति" के खिलाफ दर्ज की गई थी. ऐसे में लोग सवाल उठा रहे हैं कि पूरी दुनिया ने शिवम को देखा, लेकिन पुलिस को 20 घंटे क्यों लग गए.

यह हादसा रविवार को कानपुर की VIP रोड पर हुआ, जब एक लैंबॉर्गिनी रेवुएल्टो कार ने सड़क किनारे खड़े लोगों और पार्क किए गए वाहनों को टक्कर मार दी. घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला. लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में ढील बरत रही है. जिसके बाद पुलिस पर कार्रवाई का दबाव बढ़ा.

जांच अधिकारियों ने क्या कहा?

जांच अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि घटना के वक्त शिवम मिश्रा मौके पर मौजूद थे. अधिकारियों ने जानकारी दी कि उन्होंने शिवम मिश्रा का नाम एफआईआर में जोड़ लिया है. कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने कहा कि शुरुआत में एफआईआर में शिवम का नाम शामिल नहीं था, लेकिन जांच के बाद अब उनका नाम शामिल कर लिया गया है.

रविवार दोपहर घटना अब शामिल हुआ शिवम का नाम

ये घटना रविवार दोपहर करीब 1:45 की है और इसके बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की जिसमें शिवम का नाम नहीं था. जबकि, पुलिस को हादसे के समय शिवम मिश्रा कार में मिले थे और उन्हें अस्पताल भी ले जाया गया था. वीडियो सबूतों में शिवम मिश्रा को कार की पिछली सीट पर बैठे हुए और बाउंसर्स द्वारा घिरे हुए देखा जा सकता है. इसके बावजूद उनका नाम एफआईआर में शामिल नहीं किया गया था.

चश्मदीदों ने क्या कहा?

चश्मदीदों का कहना है कि कार शिवम मिश्रा चला रहे थे और वह नशे की हालत में तेज रफ्तार से गाड़ी चला रहे थे. बताया जा रहा है कि हादसे के बाद शिवम मिश्रा अपने बाउंसर्स की मदद से मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे. उनके बाउंसर एक दूसरी कार में उनके पीछे चल रहे थे, लेकिन वहां मौजूद लोगों ने उन्हें रोक लिया.

शिवम मिश्रा के खिलाफ दर्ज एफआईआर में क्या है?

इस मामले में FIR तौफीक अहमद की शिकायत पर दर्ज की गई है. FIR के मुताबिक, तौफीक अहमद अपने एक दोस्त का इंतज़ार कर रहे थे, तभी तेज रफ्तार लैंबॉर्गिनी ने पास में खड़ी एक रॉयल एनफील्ड मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और फिर उन्हें कुचल दिया. टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि तौफीक कई मीटर दूर जा गिरे और उनके पैर में गंभीर चोटें आईं.

क्या शिवम ने फरार होने की कोशिश की?

FIR में यह भी कहा गया है कि टक्कर के बाद कार रोकने के बजाय आरोपी मौके से फरार होने की कोशिश करता रहा. घटना से जुड़े एक वीडियो में देखा गया कि शिवम मिश्रा के बाउंसर उन्हें ड्राइवर सीट से निकालकर बचाने की कोशिश कर रहे हैं और उन्होंने वहां मौजूद लोगों के साथ बदसलूकी भी की.

आरोप है कि गुस्साए लोगों ने लैंबॉर्गिनी के शीशे तोड़ दिए और शिवम मिश्रा को बाहर निकाला. कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शिवम मिश्रा सहित अन्य घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया.

शिवम मिश्रा इससे पहले भी विवादों में रह चुके हैं. साल 2024 में आयकर विभाग ने उनके पिता केके मिश्रा की कंपनी बंशीधर टोबैको प्राइवेट लिमिटेड पर छापेमारी की थी. यह कंपनी केके मिश्रा के स्वामित्व में है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने सालाना 20 से 25 करोड़ रुपये की आय दिखाई थी, जबकि वास्तविक टर्नओवर 100 से 150 करोड़ रुपये के बीच बताया गया था.

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