कौन था राम मंदिर पर हमले की सजिश का आरोपी आतंकी Abdul Rehman? जेल में कश्मीरी कैदी ने ले ली जान
फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान की उसी बैरक में बंद कैदी ने नुकीली वस्तु से हमला कर हत्या कर दी.अब्दुल रहमान अयोध्या साजिश केस में गिरफ्तार था और उसके खिलाफ UAPA समेत कई गंभीर धाराएं लगी थीं.
Faridabad Abdul Rehman killed
हरियाणा के फरीदाबाद स्थित नीमका जेल से एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. आतंकी गतिविधियों के आरोप में बंद 20 वर्षीय अब्दुल रहमान की जेल के भीतर ही हत्या कर दी गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उसी बैरक में बंद एक अन्य कैदी ने उस पर नुकीली वस्तु से हमला किया, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
यह घटना न सिर्फ जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि उस आतंकी साजिश की भी याद दिलाती है, जिसके आरोप में अब्दुल रहमान को इसी साल गिरफ्तार किया गया था. बताया जा रहा है कि वह अयोध्या में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की योजना में शामिल था और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क से उसके संबंधों की भी जांच चल रही थी.
फरीदाबाद जेल में क्या हुआ?
रविवार देर रात फरीदाबाद की नीमका जेल में बंद आतंकी आरोपी अब्दुल रहमान पर हमला कर दिया गया. आरोप है कि मर्डर केस में बंद अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट ने नुकीली चीज से उसके सिर पर कई वार किए. हमले के बाद जेल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. जेल प्रशासन ने तुरंत घायल कैदी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
अब्दुल रहमान कौन था और क्यों गिरफ्तार हुआ था?
20 वर्षीय अब्दुल रहमान उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के मिल्कीपुर का निवासी था. उसे 2 मार्च 2025 को गुजरात ATS और हरियाणा STF की संयुक्त कार्रवाई में फरीदाबाद के पाली गांव के पास से गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तारी के समय उसके पास से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए थे. सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें सफलतापूर्वक डिफ्यूज किया था. जांच एजेंसियों का दावा था कि वह अयोध्या में किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहा था.
क्या अयोध्या में हमले की साजिश थी?
जांच के दौरान अब्दुल रहमान के मोबाइल फोन से कई वीडियो और डिजिटल डेटा बरामद किए गए थे. इनमें राम मंदिर से जुड़ी कुछ अहम लोकेशन, रास्ते और गतिविधियों की जानकारी होने की बात सामने आई थी. एजेंसियों ने इसे संभावित आतंकी हमले की तैयारी मानते हुए उसके खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था. साथ ही यह भी जांच में सामने आया था कि वह अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े कुख्यात आतंकी अबू सूफियान के संपर्क में था.
हमलावर अरुण चौधरी कौन है?
अब आगे जानते हैं कि जेल में अब्दुल रहमान को मारने वाला कौन है? जेल प्रशासन के मुताबिक, अरुण चौधरी और अब्दुल रहमान एक ही बैरक में बंद थे. अरुण चौधरी को हाल ही में जम्मू-कश्मीर से नीमका जेल शिफ्ट किया गया था. वह पहले से एक हत्या के मामले में बंद था. दोनों के बीच विवाद की वजह क्या थी, इस पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हमले में इस्तेमाल की गई नुकीली वस्तु जेल के अंदर कैसे पहुंची.
जेल प्रशासन पर उठ रहे हैं कौन से सवाल?
इस घटना के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. उच्च सुरक्षा में रखे गए कैदियों के बीच इस तरह की घटना होना प्रशासनिक चूक की ओर इशारा करता है. फरीदाबाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी कैदी से कड़ी पूछताछ की जा रही है. जेल के अंदर सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जा रही है.





