सीएम योगी का ऐलान, हमीरपुर में दर्दनाक हादसा में मारे गए मजदूरों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार का मुआवजा
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का स्लैब अचानक गिरने से 6 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 3 मजदूर गंभीर रूप से घायल हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है.
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक बहुत दुखद हादसा हो गया. बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा स्लैब आंधी और तूफान के कारण देर रात अचानक गिर गया. इस हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना लालपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत परसनी और कुरारा कंदौर गांव के बीच हुई. पुलिस और अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा तड़के करीब तीन बजे का है. उस समय पुल पर काम चल रहा था। यहां दो शिफ्ट में काम होता है. दूसरी शिफ्ट के मजदूर ऊपर वाले हिस्से पर काम कर रहे थे और पहली शिफ्ट के कुछ मजदूर नीचे थे. कई मजदूर काम के बाद थकान के कारण स्लैब के ऊपरी हिस्से पर सो रहे थे. तभी अचानक तेज आंधी-तूफान आया और पूरा स्लैब ढह गया.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है. उन्होंने मारे गए मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए मुआवजे का ऐलान किया. मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 5-5 लाख रुपये दिए जाएंगे. घायल मजदूरों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे. सीएम योगी ने एक्स हैंडल पर पोस्ट लिखकर कहा, 'जनपद हमीरपुर में बेतवा नदी पर एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक है. मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं.' उन्होंने आगे कहा कि प्रभु श्रीराम से प्रार्थना है कि दिवंगत आत्माओं को अपने चरणों में स्थान मिले और घायलों को जल्दी से जल्दी स्वास्थ्य लाभ हो. मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और SDRF को राहत-बचाव कार्य तेजी से चलाने के सख्त निर्देश दिए हैं.
मरने वालों के नाम
मारे गए मजदूरों की पहचान हुई है. इनमें शामिल हैं:
लोकेन्द्र (22 वर्ष)
कुलदीप निषाद (19 वर्ष)
सावंत यादव (28 वर्ष)
सभाजीत (30 वर्ष)
पुष्पेंद्र चौहान (34 वर्ष)
राजेश पाल (42 वर्ष)
ये सभी स्थानीय इलाके के रहने वाले थे और पुल निर्माण के काम में लगे हुए थे.
घायल मजदूर
तीन मजदूर पिलर के नीचे फंस गए थे. इनके नाम हैं- अवधेश निषाद, कल्लू यादव और राजेश निषाद। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीम ने तुरंत पहुंचकर इन तीनों को मलबे से बाहर निकाला और जिला अस्पताल भेज दिया. अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। लालपुरा थाना प्रभारी राजेश कुमार सरोज ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाया गया है. उन्होंने कहा कि मलबा पूरी तरह हटाकर यह भी जांच की जा रही है कि कहीं कोई और व्यक्ति दब तो नहीं गया है.
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने भी जताया दुख
डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी इस हादसे पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने लिखा, 'यह हादसा अत्यंत पीड़ादायक और हृदय विदारक है. शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं. प्रभु श्री राम जी से प्रार्थना है कि पुण्यात्माओं को मोक्ष मिले और घायल जल्दी ठीक हो जाएं.' यह हादसा मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है. प्रशासन अब इसकी जांच कर रहा है कि पुल निर्माण में कोई लापरवाही तो नहीं बरती गई. स्थानीय लोग भी इस घटना से काफी आहत हैं.




