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हमीरपुर में बड़ा हादसा: बेतवा नदी पर बन रहा पुल ढहा, 6 मजदूरों की मौत, कई अब भी मलबे में फंसे

उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में तेज आंधी और बारिश के दौरान निर्माणाधीन पुल का स्लैब गिरने से बड़ा हादसा हो गया. घटना में 6 मजदूरों की मौत हो गई जबकि कई लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं.

हमीरपुर में बड़ा हादसा: बेतवा नदी पर बन रहा पुल ढहा, 6 मजदूरों की मौत, कई अब भी मलबे में फंसे
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( Image Source:  ANI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय4 Mins Read

Published on: 29 May 2026 9:10 AM

उत्तर प्रदेश में गुरुवार देर रात अचानक आए तेज आंधी और भारी बारिश ने पूरे इलाके में भारी तबाही मचा दी. कई जगहों पर नुकसान हुआ और जानें भी गईं. सबसे दर्दनाक हादसा हमीरपुर जिले में हुआ, जहां बेतवा नदी पर बन रहे एक बड़े पुल का हिस्सा ढह गया. इस हादसे में छह मजदूरों की मौत हो गई, जबकि कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। रेस्क्यू टीम लगातार उन लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है.

बेतवा नदी पर ललपुरा क्षेत्र के मोराकांदर (परसनी) से कुरारा के नैठी और कंडौर गांव को जोड़ने के लिए लगभग एक किलोमीटर लंबा पुल बनाया जा रहा था. गुरुवार रात को जब आंधी-पानी बहुत तेज हो गया, उसी समय यह निर्माणाधीन पुल का स्लैब (बड़ी पट्टी) अचानक नीचे गिर गया. उस समय पुल के नीचे कई मजदूर सो रहे थे। अचानक गिरे भारी स्लैब और मलबे के नीचे वे दब गए. हादसा 28 और 29 मई की मध्यरात्रि करीब 2 बजे का बताया जा रहा है. सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई.

मरने वाले और फंसे हुए लोग

इस हादसे में जान गंवाने वाले लोग इस प्रकार हैं-

लोकेंद्र (22 वर्ष), पुत्र राधेश्याम निषाद, थाना चिल्ला, बांदा

कुलदीप निषाद (19 वर्ष), पुत्र प्रेमचंद, चिल्ला, बांदा

सावंत यादव (28 वर्ष), भूरागढ़, बांदा

सभाजीत (30 वर्ष), भूरागढ़, बांदा

पुष्पेंद्र सिंह चौहान (34 वर्ष), स्वासा खुर्द, ललपुरा, हमीरपुर

राजेश पाल (42 वर्ष), अचपुरा, ललपुरा, हमीरपुर

इसके अलावा तीन लोग पिलर में अभी भी फंसे हुए हैं. इनमें अवधेश निषाद, कल्लू यादव (दोनों भूरागढ़, बांदा) और राजेश निषाद (नरैनी, बांदा) शामिल हैं। रेस्क्यू टीम उन्हें निकालने के लिए पूरी कोशिश कर रही है. SDRF और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी मलबा हटाने का काम तेजी से कर रहे हैं.

पुल किसका था और सुरक्षा पर सवाल

यह पुल राज्यसभा सांसद बाबूराम निषाद के प्रयास से स्वीकृत हुआ था और इसका निर्माण कार्य चल रहा था. हादसे के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. लोग पूछ रहे हैं कि क्या निर्माण के दौरान जरूरी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था? रात के समय मजदूरों को पुल के नीचे सोने की इजाजत क्यों थी? क्या मौसम की चेतावनी के बावजूद काम जारी रखा गया?हमीरपुर के एएसपी अरविंद कुमार वर्मा ने बताया, 'सूचना मिलते ही हम मौके पर पहुंच गए. तीन लोग अभी भी खंभे में फंसे हैं. SDRF की टीम के साथ हम उन्हें बचाने का लगातार प्रयास कर रहे हैं. छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से पांच की पहचान हो गई है.'

राहत और बचाव कार्य

वर्तमान में पूरी टीम मलबा हटाकर शवों को निकालने और फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर लाने में जुटी हुई है. स्थानीय प्रशासन ने मरने वालों के परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाने का भरोसा दिया है. यह हादसा उन सभी लोगों के लिए चेतावनी है जो बड़े निर्माण कार्यों में मजदूरों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरतते हैं. आंधी-पानी का मौसम अभी जारी है, इसलिए प्रशासन ने सभी जिलों में सतर्कता बरतने की अपील की है.

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