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महाकुंभ में भगदड़ को 2 महीने! 25 लाख रुपये मुआवजे के लिए अब भी दर-दर भटक रहे मृतक के परिजन

Mahakumbh Stampede: प्रयागराज आयोजित महाकुंभ मेले में मौनी अमावस्या के मौके पर भगदड़ मच गई थी. इससे कम से कम 30 श्रद्धालु मारे गए और बड़ी संख्या में लोग घायल हो गए थे. इस घटना के बाद योगी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये देने का एलान किया था, लेकिन अभी तक परिजनों को मुआवजे की रकम नहीं मिली है. देरी के पीछे अधिकारियों ने कहा, सरकार की ओर से मृतकों के आधिकारिक आंकड़े अभी तक जारी नहीं किए गए हैं.

महाकुंभ में भगदड़ को 2 महीने! 25 लाख रुपये मुआवजे के लिए अब भी दर-दर भटक रहे मृतक के परिजन
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( Image Source:  @RohitKYT )

Mahakumbh Stampede: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 29 जनवरी मौनी अमावस्या पर आयोजित महाकुंभ में भगदड़ मचने से भयानक हादसा हो गया था. इस दौरान कम से कम 30 लोगों की मौत हो गई थी और सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु घायल हो गए थे. इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगदड़ में मृतक और घायलों को मुआवजा देने का एलान किया था, जिसका वह अभी भी इंतजार कर रहे हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, महाकुंभ में भगदड़ मचने से हुए हादसे को दो महीने से ज्यादा का समय हो गया. लेकिन मृतकों के परिजनों को अब तक 25 लाख रुपये मुआवजे की राशि नहीं दी गई है. मेला अधिकारी विजय किरण आनंद ने बताया कि प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार मंदर ने मृतकों के परिजनों के खातों में मुआवजा राशि ट्रांसफर कर दी है और आगे की जानकारी के लिए उनसे संपर्क करने की सलाह दी है.

डेटा पर रुकी बात

परिजन जब मुआवजे की राशि के बारे में पूछताछ के लिए जिला मजिस्ट्रेट के पास गए तो उन्होंने कोई जानकारी नहीं दी और सवालों को महाकुंभ अधिकारियों को भेज दिया. क्योंकि सरकार की ओर से मृतकों के आधिकारिक आंकड़े अभी तक जारी नहीं की गई हैं. वैभव कृष्ण ने पहले कहा था कि मृतकों की सूची जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी. राज्य सरकार का कहना है कि मृतकों की संख्या 30 है, लेकिन उसने नाम जारी नहीं किए हैं.

मृतकों के परिजनों का दुख

इंडियन एक्सप्रेस को कई मृतकों के परिजन से बात की जिन्होंने पूरा सच बताया है.

जौनपुर- विनय राजभर (27) ने बताया कि उन्होंने अपनी दादी रामपति (70) और चाची रीता देवी (35) को खो दिया है. अभी तक मृत्यु प्रमाण पत्र या मुआवज़ा नहीं मिला है. विनय ने कहा, हमें प्रयागराज के अधिकारियों से मृत्यु प्रमाण पत्र लेने के लिए कॉल आया था, लेकिन उन्होंने हमारे बैंक डिटेल मांगी है.

बलिया- दिनेश पटेल ने बताया कि उनकी पत्नी रीना देवी (33) और बेटी रोशन पटेल (12) भगदड़ में मारे गए थे. सरकार ने हमें पिछले सप्ताह मृत्यु प्रमाण पत्र तो दे दिया, लेकिन अभी मुआवजे नहीं मिला है.

बिहार- गोपालगंज के धनंजय कुमार गोंड ने भगदड़ में अपनी मां तारा देवी (65) को खो दिया. उन्होंने कहा कि उन्हें उनकी मृत्यु प्रमाण पत्र और 5 लाख रुपये कैश मिले हैं. उन्होंने बताया कि 19 मार्च एक अधिकारी मेरे घर आए और 5 लाख रुपये देकर गए. हालांकि मैं हैरान था क्योंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने 25 लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की थी. तारा देवी की रिश्तेदार सरस्वती देवी (70) के परिवार ने बताया कि उन्हें भी इतनी ही रकम मिली थी.

मध्य प्रदेश- छतरपुर के हुकुम लोधी (45) भी भगदड़ मारे गए थे. हुकुम के साले नारायण सिंह लोधी ने बताया, हम कुछ समय पहले मृत्यु प्रमाण पत्र लेने प्रयागराज गए थे, लेकिन कोई भी हमें सही रास्ता नहीं दिखा सका.

महाकुंभ 2025UP NEWS
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