'कयामत का इंतजार करने वाले सड़ जाएंगे लेकिन नहीं बनेगी बाबरी मस्जिद'; बारांबकी में CM योगी की ललकार
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाराबंकी में जनसभा के दौरान साफ कहा कि बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा. उन्होंने राम मंदिर, सनातन धर्म और यूपी की कानून-व्यवस्था पर सरकार का सख्त और स्पष्ट रुख दोहराया.
Yogi Adityanath on Babri Structure
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अयोध्या और बाबरी ढांचे को लेकर बड़ा और सख्त बयान दिया. बाराबंकी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा और जो लोग ऐसा सपना देख रहे हैं, उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे. सीएम योगी के इस बयान को सियासी और वैचारिक दोनों नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जो कहती है, वही करके दिखाती है. उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का जिक्र करते हुए दोहराया कि पार्टी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि रामलला वहीं विराजेंगे और मंदिर भी वहीं बनेगा, जहां वे पहले से स्थापित थे. सीएम योगी के मुताबिक, इसमें अब किसी तरह का कोई संदेह नहीं रह गया है.
क्या बाबरी निर्माण दोबारा से संभव है?
सीएम योगी आदित्यनाथ ने दो टूक शब्दों में कहा कि बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण की कल्पना करने वालों को निराशा ही हाथ लगेगी. उन्होंने कहा कि जो लोग कयामत के दिन का इंतजार कर रहे हैं, वे इंतजार करते-करते सड़ जाएंगे, क्योंकि ऐसी कोई कयामत आने वाली नहीं है. मुख्यमंत्री ने यह बयान देकर साफ संकेत दिया कि इस मुद्दे पर सरकार की नीति और सोच पूरी तरह स्पष्ट है.
राम मंदिर और भगवा ध्वज को लेकर क्या बोले मुख्यमंत्री?
सीएम योगी ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराओं और सनातन धर्म पर जोर देते हुए कहा कि भगवा ध्वज देश के गौरव को हमेशा बढ़ाता रहेगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर भगवा ध्वज फहराने को सनातन परंपरा का प्रतीक बताया.
राम को संकट में याद करने वालों पर सीएम का तंज क्यों?
मुख्यमंत्री ने अवसरवादी सोच पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग केवल संकट के समय भगवान राम को याद करते हैं और बाकी समय उन्हें भूल जाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलाईं और राम के कार्य में बाधा डाली, उनके लिए अब कोई जगह नहीं बची है.
कानून-व्यवस्था को लेकर सीएम योगी का सख्त संदेश क्या है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था पर कड़ा रुख दिखाते हुए कहा कि देश और प्रदेश में नियमों के तहत रहना सीखना होगा. उन्होंने चेतावनी दी कि जो लोग कानून का पालन करेंगे, उन्हें लाभ मिलेगा, जबकि कानून तोड़ने वालों का रास्ता नरक की ओर जाता है. सीएम ने यह भी कहा कि कानून तोड़कर स्वर्ग पहुंचने का सपना देखने वालों की कल्पना कभी साकार नहीं होगी.
भारत और सनातन के रिश्ते को लेकर क्या बोले योगी?
सीएम योगी ने कहा कि भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं और इन्हें अलग नहीं किया जा सकता. उन्होंने आरोप लगाया कि देश और सनातन पर अंदरूनी और बाहरी दोनों स्तरों पर हमले हो रहे हैं. मुख्यमंत्री के अनुसार, कुछ लोग साजिश रच रहे हैं, कुछ उसके शिकार बन रहे हैं और कुछ लोग ऐसे एजेंडे के लिए खुद को बेचने तक को तैयार हैं.
2017 से पहले यूपी की स्थिति पर सीएम योगी का क्या दावा है?
मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश दंगों, बार-बार लगने वाले कर्फ्यू और भय के माहौल से जूझ रहा था. उन्होंने दावा किया कि बेटियां, व्यापारी, किसान और युवा सुरक्षित नहीं थे, यहां तक कि मंदिर, स्कूल और घर भी असुरक्षित थे. सीएम योगी ने कहा कि पहले हर तीसरे-चौथे दिन किसी न किसी जिले में कर्फ्यू लग जाता था, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहता था.
अब यूपी की कानून-व्यवस्था को लेकर क्या दावा किया गया?
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया है और अब उत्तर प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण स्थापित हो चुका है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य अब अराजकता नहीं, बल्कि सुशासन और सुरक्षा की राह पर आगे बढ़ रहा है.





