मुस्लिम महिलाओं से नाम पूछा और नहीं दिए कंबल, कौन हैं पूर्व बीजेपी सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया?
राजस्थान के टोंक जिले में कंबल बांटने के एक प्रोग्राम के दौरान पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया विवादों में आ गए हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने मुस्लिम महिलाओं को कंबल देने से इनकार कर दिया और इस मामले में दिया गया उनका बयान भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
Who is Sukhbir Singh Jaunapuria: राजस्थान में एक चैरिटी कार्यक्रम के दौरान पूर्व भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया विवादों में घिर गए हैं. उन पर आरोप है कि उन्होंने कंबल बांटने के एक प्रोग्राम में मुस्लिम समुदाय की महिलाओं को कंबल देने से इनकार कर दिया.
यह घटना टोंक जिले की बताई जा रही है. सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में दिख रहा है कि जौनपुरिया गांव में मुफ्त कंबल वितरण कार्यक्रम चला रहे थे. इस दौरान जब उन्होंने वहां कुछ मुस्लिम लोगों को देखा तो उनका रवैया बदल गया.
क्या है सुखबीर सिंह पर आरोप?
आरोप है कि उन्होंने न सिर्फ मुस्लिम समुदाय के लोगों को कंबल देने से मना किया, बल्कि जिन्हें पहले कंबल दिए जा चुके थे, उन्हें भी वापस लेने के निर्देश दिए. वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, 'जो मोदी को गाली देने वाला है, उसको लेने का हक ही नहीं है.' उन्होंने यह भी कहा कि उनके फैसले से किसी को बुरा लगे तो उन्हें इससे फर्क नहीं पड़ता.
बताया गया कि जौनपुरिया ने अपने समर्थकों पर भी नाराजगी जताई कि कार्यक्रम में मुस्लिम समुदाय के लोगों को क्यों बुलाया गया. जब कुछ ग्रामीणों ने उनके व्यवहार पर आपत्ति जताई तो उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम सरकारी नहीं है, बल्कि उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत क्षमता में आयोजित किया है. इसलिए लाभार्थी चुनने का अधिकार उनका है.
कौन हैं सुखबीर सिंह जौनपुरिया?
सुखबीर सिंह जौनपुरिया एक भारतीय राजनेता और बिजनेसमैन हैं. वह 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में राजस्थान की टोंक-सवाई माधोपुर सीट से सांसद चुने गए थे और 2014 से 2024 तक लोकसभा के सदस्य रहे. उन्होंने 2014 में पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को हराया था और 2019 में पूर्व केंद्रीय मंत्री नामो नारायण मीणा को पराजित कर दोबारा जीत हासिल की थी.
राजनीति में आने से पहले वह हरियाणा विधानसभा में 2004 से 2009 तक सोहना विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायक रहे. 2014 में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए. वे एक सितंबर 2014 से जल संसाधन संबंधी स्थायी समिति और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की परामर्शदात्री समिति के सदस्य भी रहे हैं.
जौनपुरिया गुरुग्राम स्थित एक रियल एस्टेट ग्रुप के मालिक हैं. इससे पहले वह अपने दामाद को हेलिकॉप्टर देने को लेकर भी सुर्खियों में आ चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल घोषित आय 71.41 करोड़ रुपये बताई गई है.




