राजस्थान में ‘शौर्य दिवस’ को लेकर छिड़ा सियासी घमासान, अब सरकार ने वापस लिया आदेश; जानें पूरा मामला
राजस्थान की सियासत में शौर्य दिवस को लेकर विपक्ष ने सरकार पर जमकर हल्ला बोला था, क्योंकि शिक्षा विभाग ने 6 दिसंबर को राजस्थान के सरकारी और निजी स्कूलों में शौर्य दिवस मनाने के आदेश दिए थे और इसी दिन बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी होती है. वहीं अब सरकार ये आदेश वापस ले लिया है.
राजस्थान में स्कूलों में 6 दिसंबर को शौर्य दिवस मनाने को लेकर जारी किया गया विवादित आदेश सरकार ने वापस ले लिया है. शनिवार 29 नवंबर देर रात शिक्षा विभाग द्वारा यह निर्देश जारी किया गया था जिसमें सभी सरकारी और निजी विद्यालयों को शौर्य दिवस के कार्यक्रम आयोजित करने का आदेश दिया गया था. अब विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्यभर में 5 और 6 दिसंबर को परीक्षाएं निर्धारित हैं, ऐसे में इस दौरान किसी भी प्रकार का गैर-शैक्षणिक आयोजन संभव नहीं है.
शिक्षा विभाग ने कहा कि परीक्षा अवधि में स्कूलों में अनुशासन और शांत वातावरण बनाए रखना आवश्यक है. ऐसे में किसी भी प्रकार की अतिरिक्त गतिविधि से छात्रों को असुविधा हो सकती है. इसी कारण विभाग ने तुरंत प्रभाव से शौर्य दिवस कार्यक्रम स्थगित करने का फैसला लिया है.
शिक्षा विभाग ने आदेश वापस लिया
शिक्षा विभाग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा "प्रदेश के सभी विद्यालयों में वर्तमान में परीक्षाएं संचालित हो रही हैं, जो 5-6 दिसंबर तक आयोजित होंगी. परीक्षा समय के दौरान विद्यालय में किसी भी प्रकार की अन्य गतिविधि या आयोजन का किया जाना संभव नहीं है. अतः शौर्य दिवस से संबंधित सभी कार्यक्रम स्थगित किए जाते हैं." इस बयान के बाद साफ है कि फिलहाल स्कूलों में 6 दिसंबर को कोई विशेष कार्यक्रम नहीं होगा.
पहले जारी आदेश में सभी स्कूलों को मिले थे निर्देश
शनिवार देर रात जारी हुए आदेश में सभी सरकारी और निजी स्कूलों और शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे 6 दिसंबर को ‘शौर्य दिवस’ मनाएं. इस कार्यक्रम के लिए प्रत्येक स्कूल को देशभक्ति और वीरता से जुड़े विभिन्न आयोजनों की सूची भी भेजी गई थी.
विवाद के बाद लिया गया फैसला
हालांकि शिक्षा विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कार्यक्रम आगे कब आयोजित किया जाएगा, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर हुए विवाद के बीच विभाग की यह कार्रवाई काफी महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है. अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या शौर्य दिवस कार्यक्रम के लिए नई तारीख तय की जाएगी या नहीं.
विपक्ष ने क्यों जताई थी आपत्ति?
राजस्थान में बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी के ही दिन स्कूलों में ‘शौर्य दिवस’ मनाने का आदेश दिया गया था, जिसको लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया. विपक्षी दलों का आरोप था कि सरकार शिक्षा संस्थानों को सांप्रदायिक माहौल भड़काने वाले आयोजनों का मंच बना रही है.





