NEET 2026 में बड़ा खेल? राजस्थान में गेस पेपर के 125 सवाल असली पेपर से मैच, ATS-SOG खंगाल रही नेटवर्क
राजस्थान में NEET-2026 परीक्षा पर विवाद गहराया. गेस पेपर के 125 सवाल असली पेपर से मैच होने के बाद ATS-SOG पेपर लीक नेटवर्क की जांच में जुटी.
राजस्थान में NEET-2026 परीक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. परीक्षा से एक दिन पहले छात्रों तक पहुंचे एक कथित गेस पेपर के 125 सवाल असली प्रश्नपत्र से मेल खाने के दावे ने जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. मामले की जांच अब ATS और SOG कर रही हैं. सीकर के हॉस्टलों और कोचिंग नेटवर्क तक जांच का दायरा पहुंच चुका है, जहां कई छात्रों और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा से पहले ही कुछ लोगों के पास ऐसे सवाल मौजूद थे, जो बाद में परीक्षा में पूछे गए.
हालांकि, अब तक किसी एजेंसी ने पेपर लीक की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. NTA को भी मामले की शिकायत भेजी गई थी, जिसके बाद राजस्थान पुलिस की विशेष एजेंसियां सक्रिय हुईं.
पांच सवालों से समझें पूरा मामला
1. NEET-2026 परीक्षा को लेकर विवाद क्यों?
राजस्थान में NEET-2026 परीक्षा के बाद पेपर गड़बड़ी की आशंका सामने आई है. स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) इस मामले की जांच कर रही है. मामले की जांच में जुटी एजेंसियों को अभी तक पता चला है कि परीक्षा से एक दिन पहले कुछ छात्रों तक एक गेस पेपर पहुंचा था, जिसके करीब 125 सवाल असली परीक्षा में आए सवालों से मेल खाते पाए गए. हालांकि, अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी ने सीधे तौर पर पेपर लीक की पुष्टि नहीं की है, लेकिन सामने आए तथ्यों ने जांच एजेंसियों की चिंता जरूर बढ़ा दी है.
2. जांच में अब तक क्या-क्या जानकारी मिली?
सूत्रों के मुताबिक 2 मई की रात यानी परीक्षा से ठीक पहले कुछ छात्रों तक फिजिक्स और बायोलॉजी से जुड़े गेस पेपर पहुंचे थे. बाद में इन सवालों का मिलान असली प्रश्नपत्र से किया गया तो बड़ी संख्या में सवाल एक जैसे पाए गए. इसके बाद ATS और SOG सक्रिय हुईं और मामले की जांच शुरू की गई. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह गेस पेपर कहां से आया, इसे किसने तैयार किया और आखिर इतने सवाल असली पेपर से कैसे मेल खा गए.
3. सीकर कनेक्शन को लेकर जांच क्यों तेज?
राजस्थान का सीकर लंबे समय से कोचिंग हब माना जाता है और अब यह मामला भी जांच के केंद्र में आ गया है. SOG ने सीकर के कई हॉस्टलों में पूछताछ की है. कई छात्रों और युवकों से मोबाइल फोन, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल डाटा के आधार पर सवाल-जवाब किए जा रहे हैं. जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं किसी कोचिंग नेटवर्क या संगठित गिरोह के जरिए यह गेस पेपर छात्रों तक तो नहीं पहुंचाया गया था.
4. छात्रों ने शिकायत कब और कैसे की?
दरअसल, परीक्षा वाले दिन ही कुछ विद्यार्थियों ने सीकर के उद्योग नगर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. छात्रों का आरोप था कि परीक्षा से पहले कुछ लोगों के पास ऐसा गेस पेपर था, जिसमें कई सवाल वही थे जो बाद में परीक्षा में पूछे गए. हालांकि, उस समय स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया. इसके बाद छात्रों ने सवालों के मिलान और दस्तावेजों के आधार पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को ईमेल भेजकर शिकायत की. बताया जा रहा है कि NTA ने मामले को गंभीर मानते हुए राजस्थान के DGP को पत्र लिखा, जिसके बाद ATS और SOG ने जांच शुरू की.
5. अब जांच किस दिशा में आगे बढ़ रही है?
ATS और SOG की ज्वाइंट टीम कई संदिग्धों से पूछताछ कर रही है. जांच एजेंसियां मोबाइल फोन, लैपटॉप, चैट रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल सबूतों की पड़ताल कर रही हैं. सीकर के हॉस्टलों और कोचिंग नेटवर्क को भी जांच के दायरे में लिया गया है. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यह केवल एक संयोग वाला गेस पेपर था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा पेपर लीक नेटवर्क सक्रिय था. अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की गहन पड़ताल के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा. वहीं, NTA को-ऑर्डिनेटर नरसीलाल ने कहा है कि उन्हें गेस पेपर संबंधी किसी शिकायत की जानकारी नहीं है और परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही थी.




