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कैंपस में घुसी ‘रहस्यमयी आस्था’! महारानी गर्ल्स कॉलेज में मिलीं 3 मजारें, किसने बनाई कोई नहीं जानता

सोचिए क्या हो जब कॉलेज के अंदर मजारें बनने लगे? यानी अब पढ़ाई में भी धर्म लाया जा रहा है. यह मामला राजस्थान के महारानी कॉलेज का है, जहां 3 मजारें मिली. हैरानी की बात यह है कि इसके बारे में किसी को कुछ भी नहीं पता है. वहीं. ABVP ने मजारों को हटाने की मांग की है.

कैंपस में घुसी ‘रहस्यमयी आस्था’! महारानी गर्ल्स कॉलेज में मिलीं 3 मजारें, किसने बनाई कोई नहीं जानता
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( Image Source:  x-KrishnaG_Sharma )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 3 July 2025 3:38 PM IST

जयपुर के राजस्थान यूनिवर्सिटी का महारानी कॉलेज में सिर्फ लड़कियां पढ़ती हैं. अब यह कॉलेज एक अजीब से रहस्य के चलते सुर्खियों में है. कॉलेज परिसर में तीन मजारें अचानक चर्चा का विषय बन गई हैं, जिनके बनने का न तो समय किसी को याद है और न ही बनाने वाला कोई सामने आया है.

सबसे हैरानी की बात यह है कि इस कॉलेज में पुरुषों की एंट्री बैन है. ऐसे में इन मजारों की मौजूदगी न सिर्फ चौंकाने वाली है, बल्कि छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है. इस मामले में ABVP ने कहा है कि अगर यह मजारे नहीं हटाई गई, तो वह इसका विरोध करेंगे.

कॉलेज स्टाफ भी है अनजान

कॉलेज के एक स्टाफ राधेश्याम शर्मा ने बताया कि ये मजारें वहां है, जहां एक समय में प्रिसिंपल का घर हुआ करता था, लेकिन आज यह जगह बिल्कुल विरान है और सबसे बड़ी बात वहां आमतौर पर कोई नहीं आता-जाता है. इसके आगे उन्होंने कहा कि यहां एक मजार पहले से थी, लेकिन लेकिन बाकी दो कब और कैसे बन गईं इसके बारे में उन्हें नहीं पता.

मजार के पास है पंप हाउस

जिस जगह पर ये मजारें हैं. वहां पास में कॉलेज का पंप हाउस और पानी की टंकी भी बनी हुई है. इन सब की देखरेख करने वाले कर्मचारी को भी नहीं पता कि आखिर इन ढांचों का निर्माण कब हुआ.

प्रिंसिपल ने कही ये बात

कॉलेज की प्रिंसिपल पायल लोढ़ा ने कहा कि उन्हें कॉलेज में कार्यभार संभाले हुए अभी केवल छह महीने हुए हैं और जब वह आईं, तब ये मजारें पहले से ही थीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कॉलेज में लड़कियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं हुआ है.

छात्र संगठन ABVP का विरोध

इस पूरे घटनाक्रम पर राजस्थान विश्वविद्यालय से जुड़े छात्र संगठन ABVP ने कड़ी आपत्ति जताई है. उनका कहना है कि 'सरकारी शिक्षण संस्थानों में किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधियों की अनुमति नहीं होनी चाहिए. ABVP ने कॉलेज प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने इन मजारों को खुद से नहीं हटाया, तो संगठन इसका विरोध प्रदर्शन और आंदोलन करेगा.'

सवाल जो अब उठने लगे हैं...

छात्राओं के कॉलेज में मजारें बिना अनुमति कैसे बन गईं? जब पुरुषों का प्रवेश वर्जित है, तो इन धार्मिक ढांचों को किसने और कैसे स्थापित किया? क्या यह कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था में चूक नहीं है? क्या यह धार्मिक स्वतंत्रता की आड़ में सरकारी परिसर पर अतिक्रमण तो नहीं?

RAJASTHAN NEWS
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