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बहन को दिया वचन निभाने आधी रात पहुंचे आचार्य धीरेंद्र शास्त्री, चाय पीने घर आए तो सब रह गए हैरान

बागेश्वर पीठ के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कथा के दौरान राखी बांधने वाली बहनों को दिया वचन निभाया. आधी रात यानी एक बजे उनके घर पहुंचकर चाय पी और परिवार को आशीर्वाद दिया. यह दृश्य देखकर श्रद्धालु हैरान रह गए.

dhirendra shastri
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( Image Source:  @bageshwardham )

राजस्थान की धरती पर भक्ति, विश्वास और रिश्तों की एक ऐसी मिसाल देखने को मिली, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया. बागेश्वर पीठ के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कथा के दौरान एक बहन को दिया अपना वचन निभाने के लिए वह कर दिखाया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. आधी रात, पुलिस सुरक्षा और सायरन के बीच बाबा बागेश्वर रामगंज मंडी की तंग गलियों में पहुंचे और बहन के घर जाकर चाय पी. जैसे ही यह खबर फैली, मोहल्ले से लेकर पूरे इलाके में हैरानी और आस्था का माहौल बन गया. लोग कहते रह गए, “ऐसा सच में हो जाएगा, यकीन ही नहीं था.”

वचन निभाने आधी रात पहुंचे धीरेंद्र शास्त्री

बागेश्वर धाम सरकार की सादगी और वचनबद्धता एक बार फिर उस समय सामने आई जब बाबा आधी रात बहनों के घर पहुंचे. उन्होंने अपने बहनों से वादा किया था कि वो उनके यहां चाय पीने जरूर आएंगे.

श्री गौमाता महोत्सव और राम कथा

राजस्थान के रामगंज मंडी क्षेत्र में इन दिनों आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा सुनने हजारों श्रद्धालु जुटे हुए हैं. भावना और खुशबू राठोर ने कथा में राखी बांधकर बाबा को भाई बनाया था और घर चाय पर बुलाया था.

पुलिस की सायरन बजी तो गली में हुई हलचल

बाबा बागेश्वर धाम का आधी रात पुलिस के सायरन और सुरक्षा व्यवस्था कि बहन के यहां पहुंचने पर लोग आश्चर्यचकित रह गए है. उन्हें देख लोग चकित हुए. किसी को यकीन नहीं हो रहा था दबाबा चले आएंगे.

आचार्य शास्त्री ने कहा कि दोनों बहनों ने कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री को अपना भाई बनाने की इच्छा प्रकट करते राखी बांधी थी. राखी बांधने के बाद अपने भाई आचार्य धीरेंद्र से अनुरोध किया था कि कि वह उसके घर चाय पीने घर पर आएं. आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने कथा सुनने आई भावना और खुशबू राठोर से घर चाय पीने का वादा किया था.

‘यकीन ही नहीं हुआ’, बोले बहनों के माता-पिता

पिता लालचंद राठोर और माता हेमलता राठोर ने बताया कि उन्हें कभी भरोसा नहीं था कि बाबा सच में आएंगे. मुलाकात के दौरान आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने परिवार को आशीर्वाद दिया और बच्चियों के पिता को विशेष कूपन भी सौंपा.

दोनों बहनों के पिता लालचंद राठौर और माता हेमलता राठौर ने आचार्य धीरेंद्र कृष्ण को बताया कि यह अक्सर उनसे ऐसी बातें किया करती थी, लेकिन उनको विश्वास नहीं होता था. कई बार बेटी को समझाया भी कि यह संभव नहीं है, लेकिन आचार्य धीरेंद्र शास्त्री कभी भी उसके घर चाय पीने नहीं आएंगे. आचार्य शास्त्री ने बच्चियों के पिता लालचंद राठौर को बागेश्वर धाम का कूपन भी दिया.

शिष्यों की नाराजगी दूर करने पहुंचे कंचन रिसोर्ट

इससे पहले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कंचन रिसोर्ट में शिष्य मंडल से मिलकर बाबा ने कहा - गुरु कभी अपने शिष्यों को नाराज नहीं करता. उन्होंने रात 1 बजे पांडाल पहुंचकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों से बातचीत की और सवालों के जवाब दिए.

सादगी के मिसाल बने बाबा बागेश्वर

राजस्थान का यह पूरा घटनाक्रम आचार्य धीरेंद्र शास्त्री की संवेदनशीलता और भक्तों से आत्मीय जुड़ाव को दर्शाता है.

RAJASTHAN NEWS
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