Kharghar 350th Shatabdi Samagam: उवे मैदान में दिव्य नगर कीर्तन, 20 लाख श्रद्धालुओं की तैयारी
Kharghar 350th Shatabdi Samagam: नवी मुंबई के खारघर में 350वें शहीदी गुरुपर्व और गुरुतागद्दी शताब्दी पर भव्य नगर कीर्तन और दो दिवसीय समारोह की शुरुआत हुई. 200 एकड़ में फैले आयोजन स्थल पर 20 लाख श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम किए गए हैं.
नवी मुंबई के खारघर स्थित उवे मैदान में 350वें शहीदी गुरुपर्व और गुरुतागद्दी शताब्दी समारोहों के उपलक्ष्य में आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत नजारा देखने को मिला. 'हिंद दी चादर' साहिब श्री गुरु तेग बहादुर और दशम पातशाह साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी की स्मृति में आयोजित दो दिवसीय भव्य आयोजन का शुभारंभ श्रद्धा और गरिमा के साथ हुआ.
देवेंद्र फडणवीस के सहयोग और दमदमी टकसाल प्रमुख बाबा हरनाम सिंह खालसा की सरपरस्ती में आयोजित इस समारोह में देशभर की संगत के साथ अनेक विशिष्ट अतिथि भी शामिल हो रहे हैं. उवे मैदान में 200 एकड़ में सजा 'श्री गुरु तेग बहादुर दरबार' मुख्य पंडाल श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.
शताब्दी समारोह का शुभारंभ कैसे हुआ?
समारोह के पहले दिन मुख्य पंडाल में विधिवत कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी. इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन माध्यम से संगत को संबोधित करेंगे. कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री और गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे. देश के विभिन्न हिस्सों से आए संत, रागी जत्थे और समाज के प्रतिनिधि इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग ले रहे हैं, जिससे यह समारोह राष्ट्रीय एकता और आध्यात्मिक समरसता का प्रतीक बन गया है.
कैसा रहा आलौकिक नगर कीर्तन का नजारा?
गुरुद्वारा सिंह सभा सी.बी.टी. बेलापुर से सायं 5 बजे 'शब्द गुरु' धन-धन श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पावन छत्रछाया और पंच प्यारे साहिबान की अगुवाई में भव्य नगर कीर्तन निकाला गया. यह शोभायात्रा रात 10 बजे उवे मैदान पहुंचकर संपन्न हुई. नगर कीर्तन में कैबिनेट मंत्री रामेश्वर नाइक, चेयरमैन जसपाल सिंह सिद्धू, चरणदीप सिंह हैप्पी, मलकीत सिंह बल्ल सहित बड़ी संख्या में संगत ने भाग लिया. श्रद्धालुओं ने भक्ति और उत्साह के साथ गुरु महिमा का गुणगान किया.
‘नगारा फतह दा’ गीत क्यों बना आकर्षण का केंद्र?
समारोह के दौरान दशम पातशाह साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के 350वें गुरुतागद्दी दिवस को समर्पित धार्मिक गीत ‘नगारा फतह दा’ का विशेष विमोचन किया गया. इस गीत को गायक मन्ना मंड ने लिखा है और गिरमोह ने संगीतबद्ध किया है. महाराष्ट्र सरकार की राज्य मंत्री माधुरी मिसाल ने इस गीत का लोकार्पण किया. इस अवसर पर सिख सुप्रीम काउंसिल ऑफ गुरुद्वारा नवी मुंबई के चेयरमैन भाई जसपाल सिंह संधू और अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं.
क्या है इन शताब्दी समारोहों का मुख्य उद्देश्य?
दमदमी टकसाल प्रमुख संत ज्ञानी हरनाम सिंह खालसा ने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब और उनके साथ शहीद हुए भाई मती दास जी, भाई सती दास जी तथा भाई दयाला जी के 350वें शहीदी गुरुपर्व को लेकर पूरे विश्व में संगतों में अत्यधिक उत्साह है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार द्वारा इन समारोहों को राज्य स्तर पर भव्य स्वरूप दिया गया है.
इससे पहले नागपुर और सचखंड तख्त श्री हजूर साहिब नांदेड़ में भी बड़े स्तर पर आयोजन हो चुके हैं, जबकि खारघर में आयोजित यह तीसरा और अंतिम शताब्दी समारोह है. उनके अनुसार, इन आयोजनों का उद्देश्य श्री गुरु तेग बहादुर साहिब के धर्म की स्वतंत्रता, मानवता और न्याय के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है. उन्होंने अधिक से अधिक संगत से समारोह में भाग लेने की अपील की.
20 लाख श्रद्धालुओं के लिए व्यापक इंतजाम
उवे मैदान में लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में विशाल पंडाल और सुविधाएं तैयार की गई हैं. आयोजकों के अनुसार, करीब 20 लाख श्रद्धालुओं के आगमन को ध्यान में रखते हुए भोजन, आवास और सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं.




