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अब अस्पताल में दवा न होने पर डॉक्टर खुद खरीद कर मरीज को देंगे, जांच का खर्च सरकार उठाएगी; CM मान की नई हेल्थ पॉलिसी से बदलेगा सिस्टम

पंजाब सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है, जिसमें अस्पताल में दवा न होने पर डॉक्टर खुद बाजार से दवा खरीदकर मरीज को देंगे. साथ ही जांच न होने पर बाहर कराए गए टेस्ट का खर्च भी सरकार उठाएगी. इस कदम का मकसद मरीजों को राहत और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है.

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Punjab CM Bhagwant Mann 

( Image Source:  ANI )

पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक बड़ा फैसला लिया गया है, जिससे सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने वाली है. भगवंत मान सरकार ने नई व्यवस्था लागू करते हुए साफ किया है कि अब मरीजों को दवाओं के लिए अस्पताल के बाहर नहीं भटकना पड़ेगा. नई व्यवस्था के तहत अगर किसी सरकारी अस्पताल में जरूरी दवा उपलब्ध नहीं है, तो डॉक्टर या अस्पताल स्टाफ खुद बाजार से दवा खरीदकर मरीज को उपलब्ध कराएंगे. सरकार का कहना है कि इससे मरीजों का समय बचेगा और उन्हें महंगी दवाएं खरीदने की मजबूरी भी नहीं होगी.

मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने यह भी साफ किया कि अगर कोई डॉक्टर मरीज को बाहर से दवा लेने के लिए कहता है या लापरवाही करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए?

  • सीएम मान ने माना कि पहले कुछ मामलों में डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवाएं लिखने में कमीशन का खेल चलता था, जिससे मरीजों को दवाएं कई गुना महंगी मिलती थीं. नई व्यवस्था का मकसद इस गड़बड़ी को पूरी तरह खत्म करना है.
  • सरकार ने इसके लिए सभी अस्पतालों के सीनियर मेडिकल ऑफिसर्स (SMO) को बजट भी दे दिया है. जरूरत पड़ने पर उनकी मंजूरी से बाजार से दवा खरीदी जाएगी और भविष्य में अस्पताल में उपलब्ध कराने के लिए इसकी जानकारी मुख्यालय को भेजी जाएगी.
  • सिर्फ दवाएं ही नहीं, जांच सुविधाओं को लेकर भी राहत दी गई है.
  • अगर अस्पताल में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड या अन्य जरूरी टेस्ट नहीं हो पाते, तो मरीज अधिकृत केंद्र से जांच करवा सकता है. ऐसे में सरकार मरीज के बिल का भुगतान करेगी.
  • इसके अलावा गंभीर मरीजों के लिए स्पेशल इंतजाम किए गए हैं. अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट में कार्डियक लैब शुरू की गई हैं, जहां 24 घंटे विशेषज्ञ उपलब्ध रहेंगे.
  • डॉक्टर व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए मरीज की रिपोर्ट तुरंत शेयर कर विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे.

सरकार का दावा है कि इस सिस्टम से अब तक करीब 800 मरीजों को फायदा मिल चुका है. अब कोशिश यह है कि एक बार मरीज अस्पताल पहुंचे, तो उसे किसी भी तरह की परेशानी न हो.

पंजाब न्‍यूज
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