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डेंटिस्ट पति निकला कातिल! शादी के 4 महीने बाद डॉक्टर पत्नी को दिया मौत का इंजेक्शन; हत्या का सच आया सामने

21 मार्च 2025 को रिचा पांडे का शव उनके शाहपुरा स्थित आवास के बेडरूम में संदिग्ध हालत में मिला था. प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या मानते हुए पुलिस ने पति अभिजीत के खिलाफ केवल आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराएं लगाई थी.

डेंटिस्ट पति निकला कातिल! शादी के 4 महीने बाद डॉक्टर पत्नी को दिया मौत का इंजेक्शन; हत्या का सच आया सामने
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( Image Source:  Create By AI )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय3 Mins Read

Updated on: 24 Oct 2025 12:57 PM IST

भोपाल के शाहपुरा इलाके में चार महीने पहले संदिग्ध परिस्थिति में मृत पाई गईं डॉ. रिचा पांडे की मौत अब महज आत्महत्या नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या के रूप में सामने आ रही है. मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब जांच और कोर्ट की सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हुआ कि रिचा की मौत स्वाभाविक नहीं थी, बल्कि उसे जहरीला इंजेक्शन देकर मारा गया था. इसके बाद अब आरोपी पति अभिजीत पांडे के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जा रहा है.

डॉ. रिचा पांडे मूल रूप से मध्यप्रदेश के सतना जिले की रहने वाली थीं, जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्य लखनऊ में निवास करते हैं. रिचा एक होनहार डॉक्टर थीं और जबलपुर से एमबीबीएस करने के बाद भोपाल के RKDF मेडिकल कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत थी. दिसंबर 2024 में उनकी शादी अभिजीत पांडे से हुई थी, जो खुद को डेंटिस्ट बताता था और भोपाल के एमपी नगर क्षेत्र में एक डेंटल क्लीनिक चला रहा था.

21 मार्च को मिली थी रिचा की लाश

21 मार्च 2025 को रिचा पांडे का शव उनके शाहपुरा स्थित आवास के बेडरूम में संदिग्ध हालत में मिला था. प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या मानते हुए पुलिस ने पति अभिजीत के खिलाफ केवल आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराएं लगाई थी. लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ रिपोर्ट में बताया गया कि रिचा की मौत एनेस्थिसिया के ओवर डोज़ से हुई थी. यानी यह कोई सामान्य खुदकुशी नहीं थी, बल्कि एक साजिश के तहत दी गई जानलेवा दवा थी.

रिचा के भाई को भेजा गया था नोट

मौत से कुछ समय पहले रिचा ने अपने भाई को एक नोट भेजा था, जिसमें उसने अपने पति अभिजीत के एक्सट्रामैरिटल अफेयर्स के बारे में बताया था. इस नोट ने पूरे मामले को नया मोड़ दिया. इसके आधार पर रिचा के परिजनों ने अभिजीत पर गंभीर आरोप लगाए और उसकी योग्यता और क्लीनिक की वैधता पर भी सवाल खड़े किए.

निकला फर्जी डेंटिस

जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच की तो पता चला कि अभिजीत का डेंटल क्लीनिक पूरी तरह अवैध था. उसके पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान की डेंटल डिग्री नहीं थी. यानी वह बिना किसी कानूनी अनुमति के भोपाल में इलाज कर रहा था और खुद को झूठा डॉक्टर बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था. इस केस की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश नीलू संजीव श्रंगीऋषि की अदालत में चल रही थी.

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