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एक परिवार, 5 IPS और 2 UPSC क्रैक करने वाले दामाद; दिलचस्प है भोपाल के शुक्ला परिवार की कहानी

एक बार फिर शुक्ला परिवार चर्चा में आ गया है. इसकी वजह सिर्फ मिनी शुक्ला की नई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वह अनोखी पारिवारिक विरासत है, जिसने एक-दो नहीं बल्कि पांच आईपीएस अधिकारियों को देश की सेवा के लिए तैयार किया है.

IPS Shukla Family
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IPS Shukla Family

( Image Source:  X/ @svpnpahyd )

मध्य प्रदेश सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी मिनी शुक्ला को भोपाल में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोन-2) के पद पर नियुक्त किया है. 5 जून 2026 को जारी हुए इस आदेश के बाद एक बार फिर शुक्ला परिवार चर्चा में आ गया है. इसकी वजह सिर्फ मिनी शुक्ला की नई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वह अनोखी पारिवारिक विरासत है, जिसने एक-दो नहीं बल्कि पांच आईपीएस अधिकारियों को देश की सेवा के लिए तैयार किया है.

भिंड जिले के मेहगांव से शुरू हुई यह कहानी आज प्रेरणा की मिसाल बन चुकी है. स्वतंत्रता सेनानी और अधिवक्ता बाबूराम शुक्ला के परिवार में खाकी वर्दी के प्रति ऐसा जुनून रहा कि तीन पीढ़ियों तक यह परंपरा जारी रही. दादा के सपने को पोतियों ने आगे बढ़ाया और आज मिनी शुक्ला तथा उनकी बड़ी बहन प्रियंका शुक्ला दोनों आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रही हैं.

कब शुरू हुआ ये सिलसिला?

शुक्ला परिवार में आईपीएस अधिकारी बनने का सिलसिला पूर्व एडीजीपी एस.एस. शुक्ला से शुरू हुआ. बताया जाता है कि करीब 56 वर्ष पहले भिंड के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को देखकर उनके मन में पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा जगी थी. साल 1970 में उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली. इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की परीक्षा पास की और 1971 में डीएसपी के रूप में पुलिस सेवा जॉइन की. बाद में पदोन्नति के माध्यम से उनका आईपीएस बनने का सपना भी पूरा हुआ. अपने लंबे करियर में उन्होंने मध्य प्रदेश के कई जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं और अंततः एडीजीपी पद से रिटायर हुए.

बेटे-बहू भी बने IPS

शुक्ला परिवार की दूसरी पीढ़ी में भी पुलिस सेवा का यह जुनून कायम रहा. एस.एस. शुक्ला के भाई और रिटायर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. शुक्ला के बेटे शशिकांत शुक्ला और उनकी पत्नी मोनिका शुक्ला ने भी पुलिस सेवा में अपना करियर बनाया. दोनों ने राज्य सेवा के माध्यम से पुलिस विभाग में प्रवेश किया और बाद में आईपीएस अधिकारी बने. वर्तमान में दोनों डीआईजी रैंक के अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इस तरह परिवार में एक सफल आईपीएस दंपती की मिसाल भी मौजूद है.

पोतियां भी बनीं IPS

परिवार की तीसरी पीढ़ी में मिनी शुक्ला और प्रियंका शुक्ला ने अपने दादा की विरासत को आगे बढ़ाया. दोनों बहनों ने यूपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय पुलिस सेवा में स्थान बनाया. मिनी और प्रियंका के पिता कृष्णकांत शुक्ला ने बताया कि बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए पूरा परिवार भिंड से ग्वालियर आकर बस गया था. उसी दौरान उनके पिता एस.एस. शुक्ला ग्वालियर में पदस्थ थे और अक्सर अपने पोते-पोतियों से मिलने आया करते थे.

तीसरे प्रयास में सफल हुई मिनी शुक्ला

मध्य प्रदेश कैडर की 2022 बैच की आईपीएस अधिकारी मिनी शुक्ला ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2021 में ऑल इंडिया 96वीं रैंक हासिल की थी. उन्होंने दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की.

दिलचस्प बात यह है कि मिनी शुक्ला को सफलता तीसरे प्रयास में मिली. पहले प्रयास में उन्होंने प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली थी, जबकि दूसरे प्रयास में वह प्रीलिम्स भी क्लियर नहीं कर पाई थीं. लगातार मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्होंने तीसरे प्रयास में सफलता हासिल की.

IAS अधिकारी पति

मिनी शुक्ला का विवाह 5 फरवरी 2026 को आईएएस अधिकारी सुमित पांडे से हुआ था. उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी सुमित पांडे 2021 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में भोपाल में एडीएम के पद पर कार्यरत हैं.

IPS अधिकारी बड़ी बहन

मिनी शुक्ला की बड़ी बहन प्रियंका शुक्ला मध्य प्रदेश कैडर की 2019 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं. उन्होंने अपने करियर में जबलपुर में एएसपी, थाना प्रभारी और बरगी सीएसपी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है. भोपाल जोन-1 की डीसीपी के रूप में सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वह पुलिस मुख्यालय में पदस्थ हैं.

शुक्ला परिवार की उपलब्धियां केवल आईपीएस अधिकारियों तक सीमित नहीं हैं. परिवार के दो दामादों ने भी UPSC की परीक्षा में सफलता हासिल की है. प्रियंका शुक्ला के पति प्रमोद तिवारी भारतीय रेलवे यातायात सेवा (IRTS) के अधिकारी हैं। उत्तर प्रदेश के देवरिया निवासी प्रमोद तिवारी वर्तमान में भोपाल में डीओएम (गुड्स) के पद पर कार्यरत हैं.

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