'बिबी सावधान रहो...', ट्रंप ने नेतन्याहू को दे डाली चेतावनी; क्या जंग से अलग होगा US?-10 बड़ी बातें
मिडिल ईस्ट में ईरान को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष की नहीं, बल्कि अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में उभरती खटास की भी है.
Donald Trump and Netanyahu Clash
मिडिल ईस्ट में ईरान को लेकर एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है लेकिन इस बार चर्चा सिर्फ ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष की नहीं, बल्कि अमेरिका और इजरायल के रिश्तों में उभरती खटास की भी है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच ईरान नीति को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं.
हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, ट्रंप अब ईरान के साथ समझौते और क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं, जबकि नेतन्याहू ईरान के खिलाफ आक्रामक रुख बनाए हुए हैं. आइए जानते हैं इस पूरे विवाद से जुड़ी 10 बड़ी बातें.
1. Axios की रिपोर्ट के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री को स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर इजरायल ने ईरान के खिलाफ दोबारा युद्ध छेड़ा तो उसे अमेरिका का पूरा समर्थन नहीं मिल सकता. ट्रंप ने कहा "बिबी, आपको सावधान रहना चाहिए, नहीं तो बहुत जल्द आप खुद को अकेला पाएंगे."
2. जहां ट्रंप प्रशासन कूटनीतिक समाधान और संभावित समझौते पर जोर दे रहा है, वहीं इजरायल ईरान को सैन्य और रणनीतिक रूप से कमजोर करने की नीति पर कायम है. यही दोनों देशों के बीच मतभेद की सबसे बड़ी वजह बनती जा रही है.
3. रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप का मानना है कि ईरान परमाणु हथियारों के मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है. अमेरिकी प्रशासन क्षेत्र में शांति स्थापित करने और तनाव कम करने के प्रयासों को आगे बढ़ाना चाहता है.
4. इजरायल और ईरान के बीच जारी टकराव को 100 दिन पूरे होने के बाद क्षेत्रीय अस्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. लगातार मिसाइल और हवाई हमलों ने हालात को और जटिल बना दिया है.
5. व्हाइट हाउस की प्राथमिकता फिलहाल पश्चिम एशिया में किसी नए बड़े युद्ध से बचना है. अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इजरायल की कोई नई सैन्य कार्रवाई क्षेत्रीय शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचा सकती है.
6. ट्रंप की चेतावनी के बावजूद इजरायल का रुख नरम पड़ता नहीं दिख रहा. नेतन्याहू ने साफ कहा है कि यदि ईरान ने फिर हमला किया तो जवाब पहले से अधिक कठोर होगा. उन्होंने कहा “ईरान ने दोबारा हमले की गलती की तो जबरदस्त जवाब मिलेगा. इजरायल को आत्मरक्षा का अधिकार है. हम इस्तेमाल करेंगे. यही बात मैंने दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप से भी कही.”
7. इजरायली प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि उनका देश किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु शक्ति नहीं बनने देगा.
8. नेतन्याहू ने कहा “तानाशाह खामेनेई और नसरल्लाह को खत्म किया. ईरान को परमाणु हथियार कभी नहीं मिलेंगे.”
9. ईरान को लेकर अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ती दूरी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. एक तरफ ट्रंप कूटनीतिक समाधान की राह तलाश रहे हैं, तो दूसरी तरफ नेतन्याहू सुरक्षा और सैन्य कार्रवाई को प्राथमिकता दे रहे हैं.
10. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देशों के बीच यह मतभेद किस दिशा में जाता है और इसका मिडिल ईस्ट की राजनीति पर क्या असर पड़ता है.




