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MP News: कंकड़-पत्थर छोड़िए, टीकमगढ़ में सरकारी राशन की बोरी में गेहूं के बीच मिला कंकाल; लोगों के उड़े होश, क्या बोला प्रशासन?

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में सरकारी राशन की गेहूं की बोरी से कथित तौर पर जानवर का कंकाल मिलने के बाद हड़कंप मच गया. प्रशासन ने राशन वितरण रोककर जांच शुरू कर दी है.

Animal Skeleton Found in Government Ration Wheat Bag in MPs Tikamgarh
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गेहूं में मिला कंकाल

( Image Source:  ChatGPT )

गरीबों को मिलने वाले सरकारी राशन को लेकर अक्सर शिकायतें सुनने को मिलती हैं. कभी गेहूं में कंकड़ निकलते हैं, कभी कीड़े और कभी खराब गुणवत्ता का अनाज... लेकिन मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले से जो मामला सामने आया है, उसने हर किसी को हैरान कर दिया है. यहां एक परिवार ने जैसे ही सरकारी गेहूं की बोरी खोली, अनाज के बीच एक जानवर का कंकाल देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई.

यह सिर्फ एक बोरी में खराब अनाज मिलने का मामला नहीं है, बल्कि सरकारी भंडारण व्यवस्था, क्वालिटी चेक और गरीबों तक पहुंचने वाले राशन की सुरक्षा पर बड़ा सवाल भी खड़ा करता है. आखिर सरकारी वेयरहाउस से निकली बोरी में कंकाल कैसे पहुंच गया? यही सवाल अब पूरे इलाके में गूंज रहा है.

घर पहुंचकर खोली बोरी... और सामने था डराने वाला मंजर

यह मामला टीकमगढ़ जिले के नन्हीटेहरी गांव का है. गांव में सहकारी महिला समिति द्वारा संचालित उचित मूल्य की दुकान से राशन बांटा जा रहा था. गांव के रहने वाले कोमल लोधी अपने हिस्से का गेहूं लेने पहुंचे. राशन वितरित करने वाले कर्मचारी ने दो हितग्राहियों का गेहूं एक ही बोरी में भरकर उन्हें दे दिया. घर पहुंचने के बाद जैसे ही परिवार ने बोरी खोली, पूरा परिवार सन्न रह गया.

गेहूं के बीच एक जानवर की खोपड़ी और हाथ-पैर जैसी हड्डियों का कंकाल पड़ा हुआ था. परिवार ने तुरंत बोरी बंद की और इसकी सूचना गांव वालों को दी. देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए.

राशन दुकान पर मचा हंगामा

घटना की खबर फैलते ही ग्रामीण राशन दुकान पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. लोगों का कहना था कि सरकार गरीबों को मुफ्त राशन तो दे रही है, लेकिन अगर उसी राशन में ऐसी चीजें निकलेंगी तो लोगों की सेहत का क्या होगा?

ग्रामीणों का आरोप है कि पहले राशन में कंकड़ और मिट्टी मिलना आम बात थी, लेकिन अब कंकाल निकलना बेहद गंभीर लापरवाही है. लोगों ने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की.

विदिशा के वेयरहाउस से आई थी गेहूं की खेप

मामले की सूचना मिलते ही खाद्य विभाग और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची. सहायक खाद्य अधिकारी समर्थ तिवारी ने बताया कि यह सरकारी गेहूं नागरिक आपूर्ति निगम के जरिए विदिशा जिले के संकल्प वेयरहाउस से टीकमगढ़ भेजा गया था. जैसे ही बोरी में कंकाल मिलने की जानकारी मिली, उसी खेप का राशन वितरण तुरंत रोक दिया गया. अधिकारियों ने पूरे लॉट की जांच शुरू कर दी है.

अब वापस भेजा जाएगा पूरा लॉट

प्रशासन ने इस मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं. अधिकारियों के मुताबिक संदिग्ध और खराब गेहूं की पूरी खेप को वापस विदिशा वेयरहाउस भेजा जाएगा. साथ ही यह भी जांच होगी कि पैकिंग, भंडारण और लोडिंग के दौरान इतनी बड़ी चूक कैसे हुई.

सरकारी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह घटना सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है. इसने सरकारी गोदामों की निगरानी और गुणवत्ता जांच की पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. नियमों के अनुसार, सरकारी गोदामों में रखे अनाज की नियमित जांच, सफाई और गुणवत्ता परीक्षण किया जाना जरूरी होता है. राशन वितरण से पहले क्वालिटी कंट्रोल की मंजूरी भी अनिवार्य होती है. इसके बावजूद कंकाल वाली बोरी का लाभार्थी तक पहुंच जाना बताता है कि कहीं न कहीं पूरी व्यवस्था में गंभीर लापरवाही हुई है.

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर एक बोरी में कंकाल मिला है, तो क्या उसी खेप की दूसरी बोरियां भी पूरी तरह सुरक्षित हैं? इसी सवाल का जवाब तलाशने के लिए प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है.

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